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मास्टर प्लान…12 साल के इंतजार के बाद शहर को मिला तोहफा

शिवराज सरकार की मुहर के साथ राजपत्र में प्लान का अनुमोदन,शहर के विकास को लगेंगे पंख, अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में मिलेगी मदद

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मास्टर प्लान...12 साल के इंतजार के बाद शहर को मिला तोहफा

मास्टर प्लान...12 साल के इंतजार के बाद शहर को मिला तोहफा

छिंदवाड़ा.12 साल के लम्बे इंतजार के बाद शिवराज सरकार ने आखिर छिंदवाड़ा को मास्टर प्लान-2035 का तोहफा दे दिया। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के तैयार प्रस्ताव को मंजूरी के साथ अनुमोदन को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया। इस प्लान के लागू होने से अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर न केवल अंकुश लगेगा बल्कि स्मार्ट सिटी, ट्रांसपोर्ट नगर, शैक्षणिक हब जैसे अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ शहर का सौंदर्यीकरण और सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा।
देखा जाए तो नगरपालिका के समय वर्ष 2011 में ही मास्टर प्लान समाप्त हो गया था। उसके बाद मास्टर प्लान का पहला स्वरूप वर्ष 2013-14 में आया। फिर नगर निगम के वर्ष 2014-15 में गठन के बाद नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा इसका पहला ब्लू प्रिंट जून 2017 में जारी किया। उस समय निगम के आसपास के 28 गांवों को निवेश क्षेत्र माना गया था। कमलनाथ सरकार के समय वर्ष 2019 में इस मास्टर प्लान में 27 गांव जोड़े गए। इसकी राजपत्र में अधिसूचना दोबारा बीते 27 नवम्बर 20 को शिवराज सरकार ने जारी की। फिर अक्टूबर से दिसम्बर 22 के बीच इस प्लान के प्रारंभिक प्रकाशन से मामला आगे बढ़ा। 280 आपत्तियों के निराकरण और तमाम औपचारिकताओं के बाद अब 2023 के पांचवें माह में सरकार ने छिंदवाड़ा वासियों की वर्षो पुरानी इस मांग को पूरी कर दिया है।
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भाजपा में खुशी की लहर...कहा-सीएम ने की छिंदवाड़ा की चिंता
मास्टर प्लान के अनुमोदन से भाजपा में खुशी की लहर है। निगम नेता प्रतिपक्ष विजय पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा की चिंता की। जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने प्रयास किए। मास्टर प्लान के निवेशकों और उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए कई फायदे होंगे। जिला भाजपा उपाध्यक्ष योगेश सदारंग ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मास्टर प्लान लागू होने से शहर के विकास को गति मिलेगी। अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होंगे। निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र मिगलानी ने कहा कि पिछले मार्च में भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमण्डल ने सागर पहुंचकर नगरीय प्रशासन मंत्री के समक्ष मास्टर प्लान के मुद्दे को उठाया था। इससे सफलता मिली। अब गांधीगंज और नई आबादी क्षेत्र के बढ़े हुए लीज रेंट से राहत दिलाने प्रयासरत है।
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पत्रिका ने वर्ष 2014 से लगातार चलाया अभियान
पत्रिका ने छिंदवाड़ा संस्करण की शुरुआती वर्ष 2014 से ही लगातार मास्टर प्लान को लागू कराने के लिए लेखनी चलाई और जनसमर्थन से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष आवाज बुलंद की। इससे वर्ष 2017, 2020 और 2022 में इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ी। वर्ष 2023 में तमाम औपचारिकताएं पूरा होने के बाद भोपाल में मास्टर प्लान जमा हो गया। इसके लिए पुन: विशेष अभियान शुरू किया। जिसमें नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय में ठंडे बस्ते में फाइल और मंत्री के बंगले में प्रस्ताव जैसी खबरें प्रमुख रही। प्रदेश सरकार पर लगातार दबाव बनाने पर आखिर छिंदवाड़ा की इस मांग को पूरा करना पड़ा।
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प्लान से ये प्रोजेक्ट को मिलेगी गति
मास्टर प्लान से शहर में जेल बगीचा अर्बन पार्क,भरतादेव बायोडायवर्सिटी पार्क, मिनी स्मार्ट सिटी, एजुकेशन हब, ट्रांसपोर्ट नगर, क्षेत्रीय बाजार जैसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा। इससे अब छिंदवाड़ा का निवेश क्षेत्र मुख्य शहर समेत 55 गांवों में होगा। इससे इन ग्रामीण इलाकों की सूरत भी बदल जाएगी।
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नए मास्टर प्लान में ये खास बिन्दु...5 लाख की आबादी पर शहर की जरूरतें
1.40 साल में दुगनी जनसंख्या-छिन्दवाड़ा शहर समेत आसपास के ग्रामों की जनसंख्या 1991 में 153768 थी। 40 साल बाद 2023 में यह दुगनी होकर 3 लाख अनुमानित है। वर्ष 2035 में 504244 होने का अनुमान है।
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2. 58 हजार आवासों की जरूरत-शहरी क्षेत्र में वर्ष 2020 तक आवासों की संख्या 52653 थी। वर्ष 2035 तक कुल 58458 आवासों की आवश्यकता होगी । इस आधार पर परिवार का आकार 4.5 व्यक्ति है।
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3. 60 एमएलडी पानी की होगी मांग-जनसंख्या 5 लाख के लिए 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के हिसाब से कुल 60.75 एमएलडी जल की आवश्यकता होगी । चंदनगांव में भरतादेव फिल्टर प्लांट में 27 एमएलडी एवं ग्राम खापाभाट में धरमटेकड़ी में 22 एमएलडी के जल शोधन संयंत्र स्थित है । वर्तमान में कुल 49 एमएलडी जल शोधन क्षमता है।
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4.शौचालय के ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता- शौचालय से निकलने वाले अपशिष्ट जल प्रबंधन-उपचार के लिए ग्राम सर्रा में 280 केएलडी की क्षमता का फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को बढ़ाना होगा। आवश्यकता 50 केएलडी के शोधन संयंत्र की होगी।
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5.प्रतिदिन 65 टन कचरा, बढ़ाने पड़ेंगे संसाधन-नगर में प्रतिदिन लगभग 65 टन ठोस अपशिष्ट कचरा के लिए खजरी में 9.146 हैक्टेयर जमीन में कचरा घर है। भविष्य में गंदगी फैलने वाले स्थानों का चिन्हित करने के उपरांत कचरा पेटी लगानी होगी।
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6.नवीन वाचनालय का विकास जरूरी-वर्तमान में 3 वाचनालय संचालित है । वर्ष 2035 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर नवीन वाचनालय बनाना होगा।
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7.भविष्य में लगेंगे श्मशान घाट-कब्रस्तान- वर्तमान में निवेश क्षेत्र में 17 शमशान घाट एवं 4 कब्रिस्तान स्थित है । भविष्य में शमशान घाट / कब्रिस्तान प्रस्तावित किया जाना चाहिए।
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8.सीएनजी गैस वितरण की आवश्यकता-खाना बनाने में एलपीजी गैस सिलेण्डरों के माध्यम से घरों में पहुंचाई जाती है । अब सीएनजी गैस पाइप लाइन से सप्लाई प्रस्तावित है।
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इनका कहना है...
राज्य शासन ने छिंदवाड़ा के मास्टर प्लान-2035 का अनुमोदन कर राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इससे अवैध कॉलोनियों का निर्माण नहीं हो सकेगा। निवेश क्षेत्र में सुव्यवस्थित आवासीय, व्यवसायिक और औद्योगिक विकास संभव होगा।
-व्हीएस परस्ते, सहायक संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग।