13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेलवे ट्रैक पर गिरा 1.5 क्विंटल का पत्थर, मची अफरा-तफरी

MP News: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में तेज आंधी और बारिश के चलते पहाड़ से पत्थर टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया।

2 min read
Google source verification
chhindwara news

छिंदवाड़ा में रेलवे ट्रैक पर गिरा डेढ़ क्विंटल भारी पत्थर। फोटो- पत्रिका

MP News: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत भंडारकुंड से भिमालगोंदी घाट सेक्शन में तेज आंधी और बारिश की वजह से लगभग डेढ़ क्विंटल का पत्थर पहाड़ से टूटकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। इसी दौरान रात 8.30 बजे इतवारी-छिंदवाड़ा पैसेंजर ट्रेन यहां से गुजरी। अंधेरा होने से लोको पायलट को पत्थर दिखाई नहीं दिया। ऐसे में इंजन पत्थर को रौंदते हुए लगभग दो सौ मीटर आगे बढ़ गया।

पूरा मामला 27 मई का बताया जा रहा है। पत्थर रोल होते हुए दो बोगियों के नीचे पहुंच गया। इसके चलते इंजन और पत्थर की रगड़ के कारण रेलवे ट्रैक पर बिछा हुआ सीमेंटेंड स्लैप को भी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि ट्रेन पटरी के नीचे नहीं उतरी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पत्थर की रगड़ के कारण इंजन को नुकसान पहुंचा था। इसलिए इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों की मदद से पत्थर किसी तरह हटाया गया।

3.50 घंटे घाटी में फंसी रही ट्रेन


ट्रेन अपने निर्धारित समय शाम 7.50 बजे की जगह रात एक बजे छिंदवाड़ा स्टेशन पहुंची। यात्री लगभग साढ़े तीन घंटे घाटी में ट्रेन में ही फंसे रहे। इस दौरान अफरा- तफरी का माहौल बन गया।

नहीं लगाई गई थी जालियां


ट्रैक पर पत्थर गिरने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन सकते में आ गया। जानकारी के अनुसार, जिस जगह पत्थर गिरा वहां पर पत्थरों को गिरने से रोकने के लिए जालियां नहीं लगाई गई थी। जिसके कारण कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

डीआरएम ने निरीक्षण कर जांची खामियां


दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के डीआरएम दीपक गुप्ता ने पत्थर गिरने की घटना के बाद बीते शनिवार को इतवारी से सिवनी तक फुट प्लेटिंग निरीक्षण किया। इंजन में खड़े होकर सेक्शन में किसी भी हादसे की संभावना को लेकर खामियां जांची और आवश्यक निर्देश अधिनस्थ अधिकारियों को दिए।

जालियां लगाई जा रही


नागपुर मंडल के डीईएन सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि आंधी और बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक पर पत्थर गिर गया था। इंजन क्षतिग्रस्त हुआ था। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए जालियां लगाई जा रही हैं।