
छिंदवाड़ा. भीषण गर्मी और प्रशासन की सख्त निगरानी के बीच अफसर बनने के लिए अभ्यर्थियों ने एमपीपीएससी की परीक्षा दी। मप्र लोक सेवा आयोग के जरिए आयोजित राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2022 के लिए जिला मुख्यालय और अनुविभाग में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दो सत्रों में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 2.15 से शाम 4.15 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में बैठने से पूर्व परीक्षार्थियों को सख्त परीक्षण से गुजरना पड़ा। कई विद्यार्थी जूते-मोजे पहनकर पहुंच गए थे। उन्हें केन्द्र के बाहर ही उतारना पड़ा। इसके अलावा कई छात्राएं बालों में क्लचर सहित अन्य सामान पहनकर पहुंच गईं, जबकि यह सब वर्जित था।
सिर, नाक, कान गला, हाथ-पैर, कमर आदि में पहने जाने वाले सभी प्रकार के आभूषण, हाथ में बंधे धागे, कलावा, रक्षासूत्र आदि का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया। इसके बाद परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में पहुंचे। हालांकि गर्मी की वजह से परीक्षार्थी बेहाल हुए। कई परीक्षा केन्द्र में कूलर की व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसे में उन्हें गर्म हवा फेंक रहे पंखे के नीचे परीक्षा देनी पड़ी। कंट्रोल रूम प्रभारी डिप्टी कलेक्टर सुधीर कुमार जैन ने बताया कि 23 परीक्षा केंद्रों में कुल 8 हजार 354 परीक्षार्थी दर्ज थे। इसमें से प्रथम पाली में 6298 एवं द्वितीय पाली में 6262 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान उडऩदस्ता दलों ने विभिन्न केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
परीक्षा देकर केंन्द्र से बाहर निकले कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर को अच्छा बताया, तो कुछ ने कठिन। परीक्षार्थी धरमटेकड़ी निवासी अभय राठी का कहना था कि उनका पहला पेपर थोड़ा मुश्किल गया, लेकिन द्वितीय पाली में पेपर अच्छा था।
Published on:
22 May 2023 10:01 pm
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