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37 साल पुरानी पेयजल पाइपलाइन की बदलेगी सूरत

अमृत 2.0 योजना में 64 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की मंजूरी

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छिंदवाड़ा. भरतादेव फिल्टर प्लांट से कन्हरगांव जलाशय तक बिछी 37 साल पुरानी ग्रेविटी पेयजल पाइपलाइन को अब बदल दिया जाएगा। राज्य शासन ने अमृत 2.0 योजना में नगर निगम के 64 करोड़ के सिटी बैलेंस वाटर प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नगर निगम ने ऑनलाइन टेंडर भी जारी कर दिए हैं। निर्माण एजेंसी तय होने के बाद इसका निर्माण जल्द ही किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कन्हरगांव डैम के निर्माण के समय वर्ष 1986 में डैम से लेकर भरतादेव फिल्टर प्लांट तक ग्रेविटी पाइप लाइन बिछाई गई थी। समय के अंतराल के साथ पाइप लाइन में लीकेज के साथ जगह-जगह क्षतिग्रस्त जैसी समस्याएं आ गई है। इससे नगर निगम को मरम्मत और मेंटेनेंस में काफी खर्च करना पड़ रहा है। इसके चलते 23 करोड़ का नया ग्रेविटी पाइप लाइन प्रोजेक्ट इस अमृत 2.0 योजना में शामिल किया गया था। टेंडर के बाद निर्माण शुरू होने से इसके बदलने का रास्ता तय हो गया है।

पांच पेयजल टंकी और 198 किमी पाइपलाइन
इस परियोजना में पांच पेयजल टंकी का निर्माण और 198 किलोमीटर पाइप लाइन का विस्तार भी किया जाएगा। नगर निगम के 24 गांव में से जिन गांवों में पेयजल सुविधा पाइप लाइन से जुड़ी नहीं है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र अब तक बोर से पानी पी रहे हैं। पानी टंकी से पाइप लाइन निर्माण होने से नलों से सीधे पानी पहुंच जाएगा।

तीन बार बदला निगम का प्रोजेक्ट
इस योजना में केंद्र सरकार ने 64 करोड़ की राशि की मंजूरी दी थी। नगर निगम संतुष्ट नहीं था। उसके बाद अधिकारियों ने 115 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार कर भेजी। इसकी मंजूरी नहीं मिली। उसके बाद पुन: इस योजना के डीपीआर को 74.35 करोड़ रुपए का बनाकर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उसके बाद भी सरकार ने स्वीकार नहीं किया। अंत में निगम के अधिकारियों को 64 करोड़ का प्लान बनाकर ही भेजना पड़ा। जिसकी सरकार ने मंजूरी दे दी। अब परियोजना के शुरू होने की उम्मीद बन गई है।