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नाम का स्टैण्ड, कहां से निकालें बस

अमरवाड़ा नगर के बस स्टैंड पर अव्यवस्था का आलम है । यहां की प्रमुख समस्या पार्किंग स्थल का अभाव है। इस वजह से जहां-तहां वाहन खड़े रहते हैं । बस संचालकों ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में फुटकर दुकानों व जहां-तहां खड़े वाहनों से हमें रोड पर बस लगानी पड़ती है । यात्री प्रतीक्षालय अतिक्रमण की चपेट में है । कई बार नपा, पुलिस प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए ज्ञापन दिया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं बन रही है।

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Name stand, from where to get bus

छिन्दवाड़ा/अमरवाड़ा. नगर के बस स्टैंड पर अव्यवस्था का आलम है । यहां की प्रमुख समस्या पार्किंग स्थल का अभाव है। इस वजह से जहां.तहां वाहन खड़े रहते हैं । बस चालकों को परेशानी होती है। बस संचालकों ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में फुटकर दुकानों व जहां-तहां खड़े वाहनों से हमें रोड पर बस लगानी पड़ती है । यात्री प्रतीक्षालय अतिक्रमण की चपेट में है । कई बार संबंधित अधिकारियों को बस स्टैंड में व्यवस्था बनाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया है। दूसरी ओर महाकाल ड्राइवर यूनियन के प्रहलाद होलू वर्मा, राजा खान फिरोज खान बखत ने बताया कि कई बार नपा, पुलिस प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए ज्ञापन दिया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं बन रही है। बस स्टैंड परिसर के पीछे टीन शेड व्यवस्थित तरीके से बना है। हुआ वहां फुटकर दुकानें व्यवस्थित तरीके से लगाई जा सकती हैं इसके बावजूद बस स्टैंड परिषद में दुकानें लगती है। ग्राम पंचायत सिवनी की लोहे की टंकी को बिना पंचायत के प्रस्ताव लिए ही कबाड़ी को बेचने के मामले में बताया गया है कि ग्राम पंचायत ही नहीं ,बल्कि जिस विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर परिसर में टंकी रखी गई थी। उस समिति द्वारा भी टंकी को हटाने का प्रस्ताव लिया गया था। वर्ष 1996 में ग्राम पंचायत सिवनी को सांसद निधि से पेयजल आपुर्ति के लिए लोहे की टंकी मिली थी। ग्राम पंचायत सिवनी के पंच और सरपंच पति जयेश भादे और जनपद सदस्य सुनिल रबड़े ने बताया कि पीएचई ने भी लिखकर दिया था कि टंकी जर्जर हो चुकी है और कभी भी धराशायी हो सकती है। जानमाल का नुकसान होने से रोकने के लिए टंकी को दो लाख रू में कबाड़ी को बेचा गया। इस राशि को पंचायत के खाते में जमा किया गया है। उन्होंने बताया कि टंकी पर बंदर कूदते थे जिससे टंकी हिलती थी ।गिरने का खतरा हर पल बना रहता था। उल्लेखनीय है कि जनसुनवाई में पहुंचे ग्राम पंचायत के पंचों ने एसडीएम को शिकायत कर बिना पंचायत के प्रस्ताव लिए लोहे की टंकी को बेच दिया गया है। जिसके बाद मामला गर्मा गया था।