
National Cancer Institutes inauguration
छिंदवाड़ा/नागपुर. विदर्भ में बड़ी संख्या में कैंसर रोगी सामने आ रहे हैं और इनके लिए राहत की खबर यह है कि उन्हें कैंसर का सस्ता उपचार सुलभ होगा।
दरअसल, नागपुर के जामठा स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारम्भ हो गया है। यहां प्रथम चरण में 470 बेड का अस्पताल का उद्घाटन हुआ है।
उद्घाटन समारोह में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि कैंसर जानलेवा बीमारी है। यह अमीर-गरीब का फर्क नहीं करता। पूरी दुनिया में यह रोग पैर पसार चुका है। ऐसे में जरूरत है कि इसका इलाज सस्ता और सुलभ तरीके से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता की भी मौत कैंसर के ही कारण हुई थी। गरीबों के लिए कैंसर का उपचार आसानी से उपलब्ध कराना आज भी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने में यह अस्पताल मददगार साबित होगा।
सीएम ने भी झेली मार
जामठा स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट डॉ. आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्थान के व्यवस्थापन बोर्ड से संचालित होगा। इस संस्था को टाटा ट्रस्ट सहयोग करेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि उनके पिता की मौत भी कैंसर के कारण हुई थी। पिता के उपचार के दौरान मुंबई में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से सामना हुआ। 20 साल पहले इस संस्था के निर्माण का ख्याल आया और इसे आज साकार होते देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल का पहला चरण है। अभी बहुत कुछ बाकी है।
इन राज्यों के मरीजों को मिलेगा लाभ
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य और सपना है कि देश में सबसे सस्ता कैंसर उपचार यहां होगा। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक आदि राज्यों के मरीजों को लाभ मिलेगा। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से प्रशिक्षित होकर आए चिकित्सकों की सेवा यहां ली जाएगी।
परिजनों के ठहरने की व्यवस्था
नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट अस्पताल 7 लाख वर्ग फीट निर्माण क्षेत्र व 23.5 एकड़ के विशाल भू-भाग में फैला हुआ है। यहां मरीजों के 350 परिजनों के ठहरने की व्यवस्था होगी। भविष्य में इसे 700 बेड तक बढ़ाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण को अगस्त 2017 में लांच किया गया। दूसरे चरण को 2018 के अंतिम तीन महीनों में शुरू किया जाएग। इसी दौरान पहले चरण की क्षमताओं को भी बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में सेफ ड्रिंकिंग वॉटर, रेडियो ऑन्कोलॉजी और रेडियो डाइग्नोस्टिक ऑन्कोलॉजी विभाग का उद्घाटन भी किया गया।
केंद्रीय कोयला व खनन मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस अस्पताल के बनने के बाद विदर्भ के लोगों को कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नागपुर के साथ मध्य भारत की स्थिति अब बदल जाएगी।
Published on:
16 Aug 2017 12:14 pm
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