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छात्राओं को कथक सिखा रही हैं नेपाल की नृत्यांगना

नेपाल मूल की कथक नृत्यांगना लीना मालाकार इन दिनों विभिन्न स्कूलों में बालिकाओं को नृत्य कला के प्रति जागरूक कर रही है। वे स्पिक मैके की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर, रामशांति विद्या मंदिर, न्यू सनफ्लावर स्कूल के साथ विद्यालयों में प्रस्तुति दे चुकी है।

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Nepal's dancer is teaching Kathak to girl students

छिन्दवाड़ा/पांढुर्ना. नेपाल मूल की कथक नृत्यांगना लीना मालाकार इन दिनों विभिन्न स्कूलों में बालिकाओं को
नृत्य कला के प्रति जागरूक कर रही है। वे स्पिक मैके की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर, रामशांति विद्या मंदिर, न्यू सनफ्लावर स्कूल के साथ विद्यालयों में प्रस्तुति दे चुकी है। सरस्वती शिशु मंदिर में छात्राओं को नृत्य कला की जानकारी दी। इस दौरान व्यवस्थापक मारोतराव खवसे, प्राचार्य और स्टॉफ उपस्थित था। इधर टीचर्स वेलफेयर सोसाइटी चांद की ओर से प्राथमिक शाला चंदनगांव में पटेल रणधीर सिंह, रघुराज सिंह ,राममोहन सिंह ,पोहपसिंह वर्मा सोसाइटी अध्यक्ष कोमलप्रसाद चौरे जनशिक्षक अशरफ खान की उपस्थिति में सभी बच्चों को स्वेटर, बिस्किट व मास्क का वितरण किया गया। शिक्षिका पुष्पा चौरसिया ने सहयोग किया। सभी का अभिनदंन प्रधानपाठक तरुण तागड़े सरयाम ने किया । सोसाइटी की ओर से ग्राम पटेल का अभिनंदन अध्यक्ष ने किया। वहीं आयुर्वेदिक विभाग में कंपाउंडर पद के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में 90 फीसदी प्रश्न सिलेबस के बाहर से देने पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। परीक्षा पिछले दिनों हुई थी।उन्होंने बताया कि उन्होंने सिलेबस के अनुसार तैयारी की थी, लेकिन अधिकांश प्रश्न सिलेबस के अनुसार नहीं थे। अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से आयुष मंत्रालय को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा पुन: कराने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में विकास देशमुख, ऋषि कुमार धनोरिया, अज्जू वर्मा, शिवनंदन शर्मा , संतोष पंद्राम ने बताया कि आयुर्वेदिक कंपाउंडर की भर्ती 10 साल बाद हुई है। प्रशिक्षित कंपाउंडर ही करीब 20 हजार है । सिलेबस के बाहर से प्रश्न आने पर अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है। अभ्यार्थियों ने सिलेबस के अनुसार परीक्षा के आयोजन की मांग की है।