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नवीन सत्र से स्कूलों में करने होंगे यह कार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

डिप्टी डायरेक्टर तिवारी ने दिए प्राचार्यों को निर्देश, शतप्रतिशत उपस्थिति के लिए बच्चों को करें प्रेरित

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डिप्टी डायरेक्टर तिवारी ने दिए प्राचार्यों को निर्देश, शतप्रतिशत उपस्थिति के लिए बच्चों को करें प्रेरित

डिप्टी डायरेक्टर तिवारी ने दिए प्राचार्यों को निर्देश, शतप्रतिशत उपस्थिति के लिए बच्चों को करें प्रेरित

छिंदवाड़ा . शिक्षा के लोकव्यापीकरण का मुख्य उद्देश्य कक्षा १ से १२ तक शतप्रतिशत विद्यार्थियों का विद्यालय में प्रवेश एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित कराना है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को एमएलबी स्कूल छिंदवाड़ा प्राचार्य तथा प्रधानपाठकों की बैठक ली गई। शिक्षण संचालनालय भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर राजेश तिवारी की अध्यक्षता में बैठक ली गई। उप-संचालक तिवारी ने वर्ष २०१८-१९ का अकादमिक सत्र दो अप्रैल २०१८ से प्रारम्भ होने की सूचना देते हुए बताया कि नए सत्र में विद्यार्थियों के प्रवेश, विभिन्न योजनाओं के लिए पात्रता का निर्धारण, सत्र की तैयारियां तथा विद्यार्थियों में विज्ञान, गणित एवं भाषा विषय की कठिनाइयों का अभ्यास कराया जाए।

जून माह से शुरू होने वाले पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई में दिक्कत नहीं होगी। उप-संचालक तिवारी ने बताया कि २०१८-१९ में स्कूल चलें हम अभियान तीन चरणों में संचालित होगा। इसमें पहला चरण दो से ३० अप्रैल तक होगा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी आरएस बघेल, सर्व शिक्षा अभियान छिंदवाड़ा के डीपीसी जीएल साहू, आरएमएसए प्रभारी राजीव साठे, प्राचार्य लक्षमन तुरनकर तथा बड़ी संख्या में प्राचार्य व प्रधानपाठक मौजूद थे।


ये होंगी गतिविधियां


१. कक्षा ५, ८, ९ व ११ के वार्षिक परिणाम की घोषणा ३१ मार्च तक एवं कक्षा एक से ४ व कक्षा ६ से ७ के वार्षिक मूल्यांकन परिणाम की घोषणा व प्रगति पत्रक २८ अप्रैल को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही अवगत कराया जाए कि नवीन शैक्षणिक सत्र दो अप्रैल २०१८ से प्रारम्भ होगा।


२. जिला, ब्लॉक व स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए जनसमुदाय, पालक व विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।


३. मार्च के अंतिम सप्ताह में ग्राम पंचायत, जनपद एवं जिलास्तरीय समितियों की बैठक में डीईओ-डीपीसी के द्वारा जनप्रतिनिधियों को सूचित किया जाए।


४. सत्र शुरू होते ही प्रत्येक विद्यालय में जैसे प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में शाला प्रबंधन या शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के साथ-साथ विशेष बाल सभा का आयोजन किया जाए। साथ ही ७ से १३ अप्रैल के बीच पालक सम्मेलन भी आयोजित किए जाएं।


५. कक्षा नवमीं में प्रवेश पाने वाले बच्चों की दक्षताओं के आकलन के लिए सभी छात्रों का प्री-टेस्ट हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित विषय में लिया जाए आदि शामिल हैं।