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MYSTERY: भीषण गर्मी में भी नहीं सूखता इस कुंड का पानी

सोलहवीं सदी में गोंड शासकों द्वारा बनाया गया देवगढ़ का किला, जो कि 650 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां मोती टांका नामक कुंड बना हुआ है।

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Dinesh Sahu

Apr 17, 2016

chhindwara

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छिंदवाड़ा.
सोलहवीं सदी में गोंड शासकों द्वारा बनाया गया देवगढ़ का किला, जो कि 650 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां मोती टांका नामक कुंड बना हुआ है। ऊंचाइयों पर होने के बावजूद कुंड का पानी कभी नहीं सूखता है। जिले के मोहखेड़ विकासखंड अंतर्गत आदिवासी संस्कृति की पहचान देवगढ़ किले में कई एतिहासिक घटनाएं घटीं, जिसे जानने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। परिसर में मोती टांका के अलावा असहिष्णुता का आदर्श स्थापित करता चंडी माता मंदिर तथा मस्जिद आज भी मौजूद हैं।


मोती कुंड को लेकर वैज्ञानिक कारण बताया जाता है कि चट्टान की दो कठोर परतों के मध्य एक नरम परत है, जिसमें वर्षों से भर रहे पानी ने एक समय झिर्री फोड़कर कटोरेनुमा स्थान पर तालाब का रूप ले लिया था। पर्याप्त पानी का स्त्रोत मिलने के कारण इस ऊंची पहाड़ी पर किले का निर्माण किया गया। इस कुंड के पानी को लोग पवित्र तथा चमत्कारी मानते हंै तथा प्राचीन काल में लोग दवा के रूप में भी इसका उपयोग करते थे।

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