सोलहवीं सदी में गोंड शासकों द्वारा बनाया गया देवगढ़ का किला, जो कि 650 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां मोती टांका नामक कुंड बना हुआ है। ऊंचाइयों पर होने के बावजूद कुंड का पानी कभी नहीं सूखता है। जिले के मोहखेड़ विकासखंड अंतर्गत आदिवासी संस्कृति की पहचान देवगढ़ किले में कई एतिहासिक घटनाएं घटीं, जिसे जानने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। परिसर में मोती टांका के अलावा असहिष्णुता का आदर्श स्थापित करता चंडी माता मंदिर तथा मस्जिद आज भी मौजूद हैं।