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तेंदुए की तलाश में अब डॉग स्क्वॉड को उतारा

सौंसर के आसपास के गांवों में दहशत बना तेंदुआ वनविभाग की पकड़ में नहीं आ रहा। पिछले पांच दिन से सर्चिंग की जा रही है पर तेंदुआ वनविभाग के अमले को छका रहा है। पिंजरा लगाया पर काम नहीं आया। छह ट्रेप कैमरे लगाए। ड्रोन कैमरा उड़ाया पर सभी प्रयास नाकाम रहे। अब प्रशिक्षित श्वान की सहायता ली गई है।
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Now dog squad has been deployed in search of leopard

छिंदवाड़ा/सौंसर. सौंसर के आसपास के गांवों में दहशत बना तेंदुआ वनविभाग की पकड़ में नहीं आ रहा। पिछले पांच दिन से सर्चिंग की जा रही है पर तेंदुआ वनविभाग के अमले को छका रहा है। पिंजरा लगाया पर काम नहीं आया। छह ट्रेप कैमरे लगाए। ड्रोन कैमरा उड़ाया पर सभी प्रयास नाकाम रहे। अब प्रशिक्षित श्वान की सहायता ली गई है। दो
दिन पहले सिर्फ तेंदुए के पगमार्क मिले थे। उपवन मंडलाधिकारी प्रमोद चोपड़े ने बताया कि तेंदुए को पकडऩे के लिए लगाए गए पिंजरा का स्थान बदला गया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि तेंदुए की सर्चिंग जारी है। सोमवार को छिंदवाड़ा से डॉग स्क्वॉयड की टीम पहुंची। अब यह टीम खोजबीज में जुटी है। सीसीटीवी कैमरे भी बढ़ाए जा रहे हैं। सोमवार शाम तक तेंदुए का पता नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के मवेशियों का शिकार किया गया है। उनको मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तेंदुआ एक माह में निमनी, रामपेठ, काजलवानी, सायरा, कुड्डम, कढैया व आसपास के गांवों में दर्जनों मवेशियों का शिकार कर चुका है। किसान डर की वजह से खेतों पर नहीं जा पा रहे। तेंदुए के डर से इन गांवों में शाम होते ही सन्नाटा छाने लगता है। अंधेरा होने के बाद ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकलते । सौंसर मुख्यालय आने वाले ग्रामीण शाम के पहले ही अपने काम निपटा कर गांव लौट जाते हैं।