
Online facility only for agricultural land
छिंदवाड़ा। राज्य सरकार की प्राथमिकता के बाद किसी प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री के बाद होने वाले नामांतरण में अभी ऑनलाइन प्रक्रिया चालू नहीं हो सकी है। केवल कृषि भूमि के केस मेंही इसे शुरू किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री उपपंजीयक कार्यालय में हो जाती है। फिर इस जमीन को खरीदार के नाम ट्रांसफर करने तहसीलदार के पास आवेदन करना पड़ता है। फिर एक लम्बी प्रक्रिया के पास विक्रेता के खाते से संबंधित जमीन या प्लॉट का खसरा नंबर जोड़ा जाता है।
इस दौरान विक्रेता की जमीन के नक्शे से भी संबंधित प्लॉट खरीदार के खाते में लाया जाता है। इस प्रक्रिया में खरीदार को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार नक्शे से संबंधित प्लॉट न हटाए जाने की स्थिति में धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है। प्रदेश सरकार इस प्रक्रिया को सरल करने के मूड में हैं।
कृषि भूमि में ही ऑनलाइन केस ट्रांसफर
अभी कृषि भूमि की रजिस्ट्री में ही ऑनलाइन केस उपपंजीयक के लॉगिन से सीधे तहसीलदार के लॉगिन में ट्रांसफर करने की सुविधा दी जा रही है। इससे किसानों को तहसील कार्यालय में जाना पड़ता। विक्रेता के खाते से संबंधित जमीन सीधे खरीदार के खाते में नामांतरित हो जाती है। अब इस प्रक्रिया को मकान-प्लॉट में लाने की सरकारी कोशिश की जा रही है।
सॉफ्टवेयर नहीं हो पाया अपडेट
पटवारी बता रहे हैं कि मकान-प्लॉट के सीधे ऑनलाइन नामांतरण को लागू करने सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो पाया है। इसके चलते उपपंजीयक और तहसीलदार के लॉगिन के लिंक अप में समस्या आ रही है। हालांकि सरकार देर-सबेर इस व्यवस्था को लागू करने का प्रयास कर रही है। इससे जमीन खरीददारों और विके्रताओं दोनों को सुविधा हो जाएगी।
इनका कहना है
रजिस्ट्री के बाद तहसीलदार के लॉगिन में ऑनलाइन नामांतरण केस ट्रांसफर की सुविधा केवल कृषि भूमि के मामले में दी जा रही है। वह भी जब कोई व्यक्ति एकमुश्त कृषि भूमि किसी दूसरे को बेचता है।
-बीएल साहू, उपपंजीयक छिंदवाड़ा
मकान व प्लॉट के ऑनलाइन नामांतरण के केस अभी उपपंजीयक से नहीं आ रहे हैं। अभी संबंधित व्यक्ति को स्वयं आना पड़ता है।
-धर्मेन्द्र चौकसे, तहसीलदार छिंदवाड़ा शहर
Published on:
21 Jan 2024 12:47 pm
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