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महज 11 किलोमीटर लम्बी नदी को उत्थान की दरकार

वर्षों बाद पानी जमा होने से बंधी उम्मीद

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chhindwara

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छिंदवाड़ा। गर्मी में इस वर्ष सोनपुर की नदी में पानी देखकर रहवासी हैरान हैं। हर वर्ष गर्मी में पूरी तरह सूख जाने वाली नदी में इस बार इतना पानी मौजूद है कि मवेशी अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
दरअसल, नगर निगम क्षेत्र में सोनपुर सारसवाड़ा गांव को शामिल करने के बाद निगम मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से सोनपुर हनुमान मंदिर के सामने सोनपुर नदी पर पुलिया बनाने जा रहा है। इसके लिए पहले ही बायपास रोड बनाने के लिए चेक डैम नुमा एक अस्थाई पुलिया बना दी। इससे सोनपुर नदी पर एक ओर पानी दिखने लगा। जबकि स्थानीय रहवासी अब तक यही मान रहे थे कि गर्मी में सोनपुर नदी का पानी यहां पहुंचने से पहले ही सूख जाता है। हालांकि इस बार मामला अलग ही है।
सारसवाड़ा निवासी धर्मेंद्र माहोरे ने बताया कि सोनपुर नदी पखडिय़ा, रामगढ़ी पहाड़ी से शुरू होकर इमलीखेड़ा नाले के माध्यम से कुलबेहरा नदी में मिल जाती है। इसकी लम्बाई महज 11 किमी है। पहले लोग इसी नदी के पानी का इस्तेेमाल खेतों की सिंचाई से लेकर आम जरूरत के लिए करते थे। सोनपुर रहवासी मधु साहू ने बताया कि 30-35 साल पहले सोनपुर नदी का पानी गर्मी में हमेशा से ही सूख जाता था। इस साल अचानक नदी में कुछ मात्रा में पानी मौजूद है। उन्होंने बताया कि वर्षों पूर्व तक उनके पूर्वज इसी नदी का पानी पीते थे और दूसरे निस्तार के लिए भी इस्तेमाल करते रहे।

चेकडैम बनाने से बढ़ सकता है जलस्तर
सडक़ बनाने वाली कम्पनी ने बिना पानी निकासी की पाइप डाले ही मिट्टी का चेकडैम नुमा बायपास बना दिया। इससे कुछ मात्रा में पानी रिस रहा है लेकिन काफी पानी बायपास के दूसरी ओर जमा हो गया है। इससे भूमिगत जल स्तर भी सुधरा है। निगम सहायक यंत्री विवेक चौहान से जब पत्रिका ने बात की तो उन्होंने जल शक्ति अभियान के अंतर्गत सोनपुर नदी पर भी चेकडैम बनवाने के प्रपोजल की तैयारी करने की बात कही।

नदी में प्रतिमा विसर्जन
सोनपुर नदी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, भुजलियां, जवारे विसर्जन किया जाता है। इससे नदी की गहराई कम हो चुकी है। साथ ही गंदगी भी काफी है। नदी के दोनों ओर हो रही प्लॉटिंग से शेष नदी का अस्तित्व खतरे में है।