
rainwater harvesting
छिंदवाड़ा। बारिश होती है और छतों से पानी नालियों द्वारा बहकर शहर से बाहर चला जाता है। कॉन्क्रीट की सडक़ों से भूमिगत जल रिचार्ज नहीं हो पाता और जल स्तर वर्ष दर वर्ष नीचे गिरता जाता है। भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए शासन स्तर पर घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के नियम बनाए गए हैं। इसमें 1500 वर्गफीट से अधिक भूखंड में मकान बनाने वालों को भवन बनाने की अनुमति के साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए गारंटी राशि जमा करनी पड़ती है। जब भवन के साथ-साथ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बना दिया जाता है तब भवन स्वामी जमा राशि वापस लेने के लिए आवेदन करता है।
पिछले तीन वर्षों में जितने भी भवन स्वामियों ने भवन बनाया उनमें से 20 प्रतिशत अब भी ऐसे हैं जो वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।
सात हजार से 15 हजार रुपए तक होते हैं जमा
निगम के नियमों के अनुसार 1500 वर्गफ ीट से 2152 वर्गफीट तक 7000 रुपए 2153 वर्गफीट से 3228 वर्गफीट तक दस हजार रुपए, 3229 वर्गफ ीट से 4304 वर्गफ ीट तक 12 हजार रुपए और 4305 वर्गफीट से अधिक भूखंड पर 15000 रुपए की एफडी निगम में भवन अनुज्ञा लेने के दौरान जमा होती है। इसे किसी के खाते में जमा नहीं किया जा सकता है। यह राशि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाने के बाद निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करके भवन स्वामी को उसके खाते में वापस कर दी जाती है।
इनका कहना है
आवेदन मिलने के बाद उपयंत्रियों द्वारा भवन में बनाए गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण किया जाता है। यदि सिस्टम ठीक बना होता है तो उसका केस बनाया जाता है और उसे लेखा शाखा में भेज दिया जाता है।
मोहन नागदेव, कार्यालय अधीक्षक नगर निगम
Published on:
23 Aug 2021 11:45 am
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