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डैम में अब पीने का ही पानी बचा, अवैध पंप सेटों को हटाओ

इस बार अल्प वर्षा के कारण सारोठ जलाशय में पानी कम आया। ऊपर से सिंचाई के लिए भी पानी लिया गया। अब भी विद्युत पम्प सेटों से सिंचाई की जा रही है। अगर इन्हें नहीं हटाया तो पीने के लिए पानी नहीं बचेगा।

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Only drinking water is left in the dam, remove illegal pump sets

छिंदवाड़ा/पालाखेड़. मोहखेड़ जनपद को गर्मी में जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। जनपद के तीस गांवों को सरोठ जलाशय से जलापूर्ति की जाती है, लेकिन इस बार अल्प वर्षा के कारण सारोठ जलाशय में पानी कम आया। ऊपर से सिंचाई के लिए भी पानी लिया गया। अब भी विद्युत पम्प सेटों से सिंचाई की जा रही है। अगर इन्हें नहीं हटाया तो पीने के लिए पानी नहीं बचेगा। इस संबंध में ग्राम पचायतों के सरपंचों ने तहसीलदार को ज्ञापन भी दिया। पालाखेड़, अम्बामाली, गुबरेल के सरपंचों ने बताया कि उन्होंने तहसीलदार से जलाशय से सिंचाई के लिए लगा रखे विद्युत पम्प सेटों को हटवाने की मांग की थी, परन्तु तहसीलदार सहित जिम्मेदारों ने अभी तक कोई कार्रवाई नही की है। अनुविभागीय अधिकारी कन्हरगाव नहर ने विद्युत वितरण कनिष्ठ अभियंता मोहखेड़ को लिखित आदेश भी दिया था। इसमें बताया गया था कि रबी सीजन में सिंचाई के लिए जलाशय से पानी दिया गया है और अब पानी इतना ही रह गया है, जिसका उपयोग
पीने के लिए किया जा सकता है। पेयजल के अतरिक्त पानी का उपयोग किसी भी प्रयोजन के लिए नही किया जा सकता है। इसलिए जलाशय में चल रहे सिंचाई पम्पों की विद्युत सप्लाई को बंद कर दिया जाए। किन्तु विद्युत अधिकारियों ने अभी तक पंप सेटों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।