
पातालकोट सुपरफास्ट एक्सप्रेस के नाम पर यात्रियों को धोखा मिल रहा है। ट्रेन को सुपरफास्ट का दर्जा देने के साथ किराया तो बढ़ा दिया गया, लेकिन सफाई और मूलभूत सुविधाओं के हाल पहले से भी बदतर हो गए हैं। ट्रेन के स्लीपर और जनरल कोच में इतनी गंदगी है कि बैठना भी मुश्किल हो गया है। कई सीटें फटी पड़ी हैं, तो कई खिड़कियां टूटी हुई हैं। यात्री चूहे और खटमल से भी परेशान हैं।
मार्च 2025 में इस ट्रेन को सुपरफास्ट का दर्जा दिया गया और जनरल कोच का किराया 15 रुपए, स्लीपर का 30 रुपए और एसी का 45 से 50 रुपए तक बढ़ा दिया गया, लेकिन साफ-सफाई और सुविधाओं के नाम पर यात्रियों को कुछ नहीं मिला। स्लीपर कोचों में गंदगी के कारण लंबे सफर के दौरान यात्री बेहाल हो रहे हैं। शौचालयों की हालत भी बेहद खराब है। वहां इतनी गंदगी है कि यात्री एक मिनट भी टिक नहीं पा रहे। सिवनी, छिंदवाड़ा से भोपाल, दिल्ली होते हुए फिरोजपुर तक जाने के लिए यही एकमात्र ट्रेन है, जिससे लोगों को मजबूरी में सफर करना पड़ रहा है।
मार्च माह से पहले यह ट्रेन छिंदवाड़ा से सिवनी पहुंचती थी और तुरंत वापस रवाना हो जाती थी, जिससे सफाई का समय नहीं मिलता था। लेकिन अब इसे सिवनी स्टेशन पर दो घंटे का समय दिया गया है। ट्रेन फिरोजपुर से सुबह 6.20 बजे सिवनी पहुंचती है और सुबह 8.20 बजे फिरोजपुर के लिए वापस रवाना होती है। छिंदवाड़ा से ट्रेन सुबह 9.50 बजे निकलती है। इसके बावजूद ट्रेन की सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।
सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि किराया बढऩे के बाद उम्मीद थी कि व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन हालात पहले से भी बदतर हो गए हैं। न फटी सीटों की मरम्मत हुई और न ही खिड़कियों की। कई कोचों में पंखे भी नहीं चल रहे हैं, जिससे गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेन में नियमित सफाई कराई जा रही है। फिर भी मैं दिखवाता हूं। अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाकर व्यवस्था और बेहतर की जाएगी।
आमिर खान, सीएंडब्ल्यू
Updated on:
13 Jun 2025 06:58 pm
Published on:
13 Jun 2025 06:58 pm
