
People will themselves develop Jungle Satyagraha site, expected from the government
छिंदवाड़ा/रामाकोना. लगातार मांग करने के बाद भी सरकार तो सुध नहीं ली आखिर जनता ने ही स्वतंत्रता सेनानियों की कर्म भूमि एवं तीर्थ लाखनवाड़ी जंगल सत्याग्रह स्थल का विकास करने का फैसला किया है।सामाजिक कार्यकर्ता दिनकर पातुरकर ने उपेक्षित सत्याग्रह स्थल के बारे में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार के सुनील तिवारी से संपर्क किया व इस क्षेत्र के इतिहास की विस्तार से जानकारी ली। तथ्य एकत्रित किए। रविवार को जंगल सत्याग्रह स्थल पर महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर समविचारी स्वयंसेवी संगठनों ने खुटामा के पूर्व सरपंच बापूराव आहके, डॉ. संजय चौरे के मुख्यातिथ्य में स्वतंत्रता सेनानी परिजन सुनील तिवारी, पीकेएस गुर्वे, मधुकर गायकवाड़ की उपस्थिति में महात्मा गांधी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर श्रध्दांजलि अर्पित की। डॉ.अनूप कुमार सिंग, चंद्रकांत नाचनकर, रत्नमाला पीसे, डॉ. संजय चौरे ने विचार रखे। आभार आकाश खंडाईत ने जताया। इस अवसर पर जंगल सत्याग्रह के उत्थान एवं विकास समिति की घोषणा की गई। समिति का मुख्यालय खुटामा में एवं गतिविधियां रामाकोना से की जाएगी। खास कर युवाओं को गौरवपूर्ण इतिहास से अवगत कराते हुए जंगल सत्याग्रह के विकास तथा यहां समय-समय पर आयोजनों के लिए प्रेरित किया जाएगा। ये हैं पदाधिकारी: सुनील तिवारी संयोजक, बापूराव आहके अध्यक्ष, दिनकर पातुरकर कार्यअध्यक्ष,चंद्रशेखर भोपे व रत्नमाला पिसे उपाध्यक्ष, विजय धुंडे सचिव,राधेश्याम भक्ते सहसचिव योगेश गौतम कोषाध्यक्ष, आकाश खंडाईत मीडिया प्रभारी होंगे। गणेश खारकर, देवेंद्र केदार, विनोद जैवार, सविता कापसे, अनिता बोडख़े, रामचरण सरनकर, राधेश्याम इवनाती,महादेव इवनाती, गेंदलाल वरखडे, अविनाश गुर्वे सदस्य होंगे । डॉ. संजय रेवनाथ चौरे, डॉ.अनूप सिंग, मधुकर गायकवाड़, चंद्रकांत नाचनकर, पंचीकरण गुर्वे मार्गदर्शक होंगे।
Published on:
01 Feb 2022 05:58 pm
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