
छिंदवाड़ा.बुंदेलखण्ड के नेताओं ने अपने प्रयासों से सागर को मास्टर की सौगात दिला दी। उनके आगे छिंदवाड़ा की नेतागिरी कमतर निकली। हमारा मास्टर प्लान-2035 पीछे छूट गया। विधानसभा चुनाव के साल में भाजपा के जनप्रतिनिधि अभी भी नहीं जागे तो फिर व्यवस्थित विकास की दिशा में इस मील के पत्थर से शहर कई साल पीछे छूट जाएगा। इस पर सरकार पर तुरंत दबाव बनाने की जनापेक्षा की जा रही है।
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की ओर से छिंदवाड़ा शहर के मास्टर प्लान-2035 के प्रस्ताव को जनवरी में ही जमा कराया जा चुका है। इसके बाद ही विभागीय संचालनालय में प्रस्ताव फाइलों में बंद है। हाल ही में स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी भोपाल गए थे तो उन्हें बालाघाट के मास्टर प्लान को पूरा करने कहा गया है। इस बीच सागर शहर के मास्टर प्लान को सरकार ने अनुमोदित कर दिया। इसके बाद यह सागर शहर में अस्तित्व में आ गया है। इससे साफ हैं कि छिंदवाड़ा कहीं न कहीं राजनीतिक उपेक्षा का शिकार हो रहा है। पहले भी इस शहर को मास्टर प्लान में पीछे रखने के प्रयास किए गए हैं। इससे आम जनमानस में ये आशंका व्यक्त की जा रही हैं कि इस बार भी कहीं इसकी पुनरावृत्ति न हो जाए। शहर का मास्टर प्लान वर्ष 2011 में ही समाप्त हो चुका है। तब से ही इसे दोबारा बनाने के प्रयास में 12 साल बीत गए हैं। इसके अभाव में व्यवस्थित तरीके से विकास नहीं हो पा रहा है।
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भाजपा का छिंदवाड़ा मिशन,फिर उपेक्षा पर उठ रहे सवाल
प्रभारी मंत्री कमल पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह छिंदवाड़ा की सातों विधानसभा सीट जीतने का संकल्प जता चुके हैं। इस दिशा में भाजपा का संगठन भी सक्रिय हो गया है। इस माहौल में शहरवासियों की इस मुख्य मांग पर उपेक्षा पर सवाल उठ रहे है। सत्तासीन जनप्रतिनिधि भी शांत बैठे हैं। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग पर दबाव नहीं बनाया है। इसी वजह से सागर का मास्टर प्लान बुंदेलखण्ड के नेताओं की बदौलत आगे निकल गया है। विधानसभा चुनाव के साल में भी उदासीनता का आलम यहीं रहा तो छिंदवाड़ा हाथ मलता रह जाएगा।
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इनका कहना है..
मास्टर प्लान-2035 लागू करने के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री से भाजपा का प्रतिनिधिमण्डल मिला था। इस पर जल्द ही मास्टर प्लान के अनुमोदन होने की आशा की जा रही है। हम जल्द ही इसका फीड बैक लेंगे।
-योगेश सदारंग, उपाध्यक्ष जिला भाजपा।
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मास्टर प्लान का प्रस्ताव चार माह पहले ही जमा हो गया है, तब इसकी स्वीकृति क्यों नहीं दी जा रही है। इसके अभाव में शहर में अवैध कॉलोनियों का जाल पनप रहा है। व्यवस्थित विकास भी रुका पड़ा है।
-सोनू मागो, अध्यक्ष नगर निगम
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भाजपा सरकार में छिंदवाड़ा की उपेक्षा लगातार हो रही है। इनमेंं से मास्टर प्लान भी एक हैं। हमें आठ माह बाद कमलनाथ के नेतृत्व में आनेवाली कांग्रेस सरकार का इंतजार हैं। तब इस उपेक्षा का अंत हो जाएगा।
-विक्रम अहके, महापौर।
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Published on:
26 Apr 2023 07:02 pm
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