
POS machines
छिंदवाड़ा. पीओएस मशीन (पाइंट ऑफ सेल) मशीन पुलिस के लिए कई मायनों में मददगार साबित होगी। वाहनों का डाटा जुटाकर रखेगी। चोरी के वाहनों की जानकारी तत्काल मिल जाएगी। यही नहीं वाहन पर कब और किन कारणों से चालान किया गया यह इतिहास भी दर्ज होगा। एक मशीन के फायदे अनेक मिलेंगे।
चालानी कार्रवाई के दौरान दर्ज किया गया रजिस्ट्रेशन नम्बर मशीन के अलावा वाहन सारथी एप पर भी स्टोर होगा। जिले में उपयोग होने वाली सभी मशीनों में दर्ज नम्बर जिला मुख्यालय के सर्वर पर संग्राहित रहेगा। जांच के दौरान पकड़ा गया वाहन अगर चोरी का है और उसमें किसी प्रकार का बदलाव किया गया है तब भी वह पकड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर जिस कम्पनी का वाहन होगा उसकी पूरी जानकारी परिवहन विभाग के ऑनलाइन सर्विस रिकॉर्ड में रहती है। पीओएस उसके सर्वर से जुड़ा हुआ है। रजिस्ट्रेशन नम्बर डालते ही पूरी जानकारी स्क्रीन पर होगी। चोर ने अगर किसी तरह का बदलाव वाहन में किया है तो भी वह पकड़ा जाएगा। क्योंकि दोपहिया हो या फिर चौपहिया या अन्य भारी वाहन इनमें इंजन, बॉडी, साइलेंसर व हैंडिल पर वाहन का नम्बर दर्ज होता है। इनमें से किसी भी एक नम्बर से पकड़ा जाएगा कि वाहन किस कंपनी का है। चोरी करने के बाद मामूली बदलाव से चोर बच नहीं सकता। नम्बर प्लेट बदलना या फिर मॉडिफाइ कराना तत्काल समझ आ जाएगा। छिंदवाड़ा से चोरी हुआ वाहन अगर किसी अन्य राज्य में मिलता है तो उसकी जानकारी भी मिनटों में निकाली जा सकेगी।
चालक की गलतियां भी होगी दर्ज
वाहन का चालान बनाते समय मशीन में चालक की गलती दर्ज की जाएगी। यानि रेड लाइट जम्प करने पर जुर्माना किया गया या फिर कोई और गलती थी। इस तरह जितनी बार कार्रवाई होगी उसका पूरा इतिहास मशीन के साथ ही सर्वर पर भी दर्ज होगा। आवश्यकता अनुसार पुलिस रिकॉर्ड निकालकर भी कार्रवाई कर सकेगी। ट्रैफिक डीएसपी सुदेश कुमार सिंह ने बताया कि पीओएस मशीन से ही कार्रवाई की जा रही। लगातार रिकॉर्ड तैयार होगा आने वाले कुछ सालों में जिले के वाहनों की पूरी जानकारी उसमें दर्ज हो जाएगी।
Published on:
30 Jul 2022 01:03 pm
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