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Potato production: उमरेठ बना हब , यूपी-कलकत्ता तक छिंदवाड़ा के आलू की मांग

आठ हजार हैक्टेयर में हो रही फसल, 2.24 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन

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chhindwara

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छिंदवाड़ा। आलू की पैदावार में उमरेठ हब बन गया है। लगातार उत्पादन से देशी-विदेशी कम्पनियां सीधे किसानों से आलू खरीद रही हैं तो वहीं यूपी औरकलकत्ता समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी निर्यात होने लगा है।

कृषि विभाग की मानें तो जिले में लगभग 12,445 हैक्टेयर में 15 हजार किसानों द्वारा आलू लगाया गया है, जिसकी औसत उत्पादकता 18 मीट्रिक टन प्रति हैक्टेयर के मान से कुल 2.24 लाख मीट्रिक टन है। उमरेठ तहसील में खेती का कुल रकबा 12 हजार हैक्टेयर है। इसमें से 18 से 20 ग्रामों के लगभग 7500 किसानों द्वारा लगभग आठ हजार हैक्टेयर में आलू की खेती की जा रही है। 90 दिन की आलू की फसल से इस वर्ष इन किसानों द्वारा 1.44 लाख मीट्रिक आलू का उत्पादन किया गया है। बड़ी कम्पनियों द्वारा इन किसानों से बायबैक के तहत आलू का क्रय किया गया है।
इन कम्पनियों को आलू का विक्रय करने पर उमरेठ क्लस्टर के इन 18 से 20 ग्रामों के आठ हजार हैक्टेयर में आलू की खेती करने वाले किसानों को लगभग 216 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है।

इनका कहना है
तहसील उमरेठ का आलू जिले के सीमावर्ती प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेश जैसे उत्तरप्रदेश, कलकत्ता आदि के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के बड़े-बड़े जिलों में भी निर्यात किया जा रहा है। इस प्रकार कृषि फसल विविधीकरण में आलू फसल ने जिले के किसानों की तस्वीर और तकदीर बदलने का कार्य किया है।
जितेन्द्र सिंह, उपसंचालक, कृषि

जमुनिया बना चिप्स आलू का उत्पादक
इधर ग्राम पंचायत जमुनिया चिप्स आलू के बीज उत्पादक के रूप में स्थापित हो रहा है। करीब चार महीने बाद ग्राम के किसानों द्वारा चिप्सोना आलू को निकाला जा रहा है। गांव के युवा रविंद्र पटेल ने बताया कि वे और उनकी तरह कई किसानों ने चिप्स आलू की पैदावार के लिए इस बार बीज बोया। फसल काफी अच्छी हुई। बीज निगम द्वारा इन आलुओं को बीज के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। बता दें कि छिंदवाड़ा जिले में काफी संख्या में किसान चिप्स के आलू की फसल ले रहे हैं। गुरैया में ही करीब एक सैकड़ा किसान नियमित रूप से आलू की फसल ले रहे हैं। अब जमुनिया भी चिप्स आलू उत्पादक गांव बन चुका है।