
छिंदवाड़ा. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व स्वास्थ्य शिविर में हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से वंचित रखकर इसका लाभ चिकित्सा अधिकारी और बाबू ले रहे हैं।
जिला अस्पताल की ट्रामा यूनिट में मंगलवार को आयोजित इस शिविर में यही देखने को मिला। यहां शासन के निर्देश के बावजूद हितग्राही महिलाओं को न तो लड्डू दिया गया और न ही मौसमी फल प्रदान किए गए , जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में उक्त लाभ दिया जा रहा है। शासन के निर्देश के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व स्वास्थ्य शिविर में पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को दो लड्डू तथा दो मौसमी फल देने के निर्देश हैं।
माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की विभिन्न जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया जाता है। इसमें निजी चिकित्सा संस्थाओं के डॉक्टर निशुल्क अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। प्रशासकीय अधिकारी बीइइ बीआर देशमुख ने बताया कि उक्त संदर्भ में सिविल सर्जन से चर्चा की गई थी, लेकिन उन्होंने इसके लिए एक महिला चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया है।
फिलहाल उक्त व्यवस्था न होने से महिलाओं को लड्डू और फल नहीं बांटे गए हैं।
निशुल्क जांच के लिए पहुंचीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार शिविर मेें जांच कराने के लिए 77 महिलाओं का पंजीयन किया गया। डॉ. प्राची चड्डा, डॉ. कंचन दुबे, डॉ. शिल्पा सहलाम तथा डॉ. रीना पाटनी ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर आवश्यक उपचार दिया।