
चौरई के आगे गड्ढों में तब्दील हुई सडक़।
छिंदवाड़ा मुख्यालय से सिवनी तक की दूरी करीब 70 किमी है। लेकिन यह मार्ग काफी जर्जर हो चुका है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे नजर आते हैं। इन गड्ढों की वजह से राहगीर काफी परेशान है। खासतौर पर रात्रि के समय इस मार्ग से गुजरना काफी खतरों भरा होता है।
छिंदवाड़ा. गड्ढों में तब्दील हुई सडक़। परेशान होते राहगीर। आए दिन होती दुर्घटनाएं। कुछ इस तरह का नजारा छिंदवाड़ा-सिवनी मार्ग में रोजाना नजर आता है। बावजूद इसके विभाग इन गड्ढों की मरम्मत की दिशा में कोई प्रयास नहीं कर रहा है। जिसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा मुख्यालय से सिवनी तक की दूरी करीब 70 किमी है। लेकिन यह मार्ग काफी जर्जर हो चुका है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे नजर आते हैं। इन गड्ढों की वजह से राहगीर काफी परेशान है। खासतौर पर रात्रि के समय इस मार्ग से गुजरना काफी खतरों भरा होता है। लेकिन विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई। उल्लेखनीय है कि बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाता है। जिससे राहगीरों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं होता है। जिसके चलते वे दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
रोजाना हो रहे हादसे
छिंदवाड़ा-सिवनी पहुंच मार्ग पर रोजाना सडक़ दुर्घटनाएं हो रही है। गड्ढों से बचने के फेर में चालक अपने वाहनों से नियंत्रण खो रहे हैं। जिसके चलते हादसे हो रहे हैं। अनेक लोग बेसमय ही काल के गाल में समा रहे हैंं। बावजूद इसके प्रशासन इसे गड्ढों की मरम्मत नहीं करवा रहा है। जबकि यह सिवनी को जोडऩे वाला मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है।
गंतव्य स्थल पहुंचने में हो रही देरी
मार्ग के जर्जर और गड्ढों में तब्दील होने के कारण लोग समय पर अपने गंतव्य स्थल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या से लोग प्रतिदिन जूझ रहे हैं। लोगों ने सडक़ की मरम्मत किए जाने की मांग भी की है। प्रशासन ने इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया है। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
Updated on:
01 Sept 2024 09:03 pm
Published on:
01 Sept 2024 09:03 pm
