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Public hearing: हाथों में अपरस से नहीं बना आधार कार्ड, रुका राशन और किसान सम्मान निधि

कलेक्टर जनसुनवाई में भटकते हुए आया बुजुर्ग, सौ रुपए देने पर भी किसी ने नहीं बनाया

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Public hearing in chhindwara

छिंदवाड़ा। अमरवाड़ा रोड पर सिंगोड़ी से पहले ग्राम कुबड़ी का 65 साल का बुजुर्ग रखीलाल की अंगुलियों में अपरस हो जाने के कारण उसका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। जिसके चलते उसे राशन नहीं मिल पा रहा है।
वहीं योजना के तहत मिलने वाली किसान सम्मान निधि भी नहीं मिल सकी। समस्या को लेकर मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में आया तो उसने अपनी व्यथा सुनाई। बुजुर्ग ने बताया कि सिंगोड़ी में आधार कार्ड बनवाने के लिए सौ रुपए भी दिए, लेकिन 15 दिन बाद पता चला कि उसका आधार कार्ड नहीं बना।
छिंदवाड़ा आने पर भी यही स्थिति रही। बुजुर्ग ने जनसुनवाई के दौरान पहुंचकर कलेक्टर से आधार कार्ड बनाने की मांग की है।
जनसुनवाई में आए 119 आवेदन
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने शहरी एवं ग्रामीण, दूरस्थ अंचलों से आए आवेदकों के 119 आवेदनों की सुनवाई की।
कलेक्टर ने जरूरतमंद आवेदिका संगीता अम्बुलकर को तत्काल नेब्युलाइजर मशीन प्रदाय करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। ग्राम धनोरिया के शांताराम ने रिकॉर्ड दुरूस्तीकरण करवाने, ग्राम कामठी के लक्ष्मण पवार ने स्वयं की भूमि पर नाली निर्माण रोकने, प्रियदर्शनी कॉलोनी की सीमा नागलेकर ने आर्थिक सहायता दिलाने व वार्ड नंबर-22 झुग्गी झोपड़ी की यशोदा ने बीपीएल सूची में नाम जोडऩे के आवेदन पेश किए।

सभी बोर सूख जाने से दो किमी दूर से पानी लाने की मजबूरी
मोहखेड़ विकासखण्ड के करलीकला पंचायत के ग्राम बटनिया के ग्रामीणजनों ने पेयजल समस्या की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में नल-जल योजना नहीं है। प्राइवेट बोर सूख जाने से उन्हें दो किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इस समस्या का निराकरण आज तक पंचायत एवं प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है।

अतिक्रमण में अपना मकान खो चुकी माया बाई कलेक्ट्रेट में रो पड़ी
गुरैया सब्जी मण्डी के पास नगर निगम द्वारा तोड़े गए अतिक्रमण में अपना मकान खो चुकी माया बाई सातपुते कांग्रेस झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के फिरोज खान और कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और मकान को याद कर खूब रोई। उसका कहना पड़ा कि भू-माफियाओं की रुचि के चलते उसका मकान तोड़ा गया। उसे शनिवार को निगम से नोटिस मिला और कोर्ट से स्टे लाने का मौका नहीं मिला। फिलहाल उसे प्रशासन से न्याय की आस है।