
,,
छिंदवाड़ा. जंगली खरगोश का शिकार करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। फैसला न्यायालय पुष्पा तिलगाम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी चौरई न्यायालय ने सुनाया। आरोपी श्री पिता विष्णु, दुनने, धुड़ो, भूलन एवं जियन सभी निवासी ग्राम सीताझिर थाना चौरई को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा में सजा और पचास हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। 20 जून 2017 को वन विभाग चौरई को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सीताझिर में जंगली खरगोश का शिकार हुआ है। वन विभाग के सहायक अधिकारी व अन्य स्टॉफ वनरक्षक ग्राम सीताझिर में आरोपी श्री के घर पहुंचकर पूछताछ की। आरोपी श्री अपने साथी दुन्ने, धूड़ो, जियन,भूलन तथा रमनलाल के साथ मिलकर स्टील की गंजी में खरगोश के मांस को पका रहे थे, आरोपियों से पूछताछ करने पर बताएं कि उन्होंने जंगली खरगोश का शिकार कुत्ते दौड़ाकर किया। खरगोश को कुल्हाड़ी से काटकर आपस में बारबर -बराबर मात्रा में मांस को बांटा। मौके से वन विभाग की टीम ने गंजी, बर्तन और खरगोश मांस जब्त कर अपराध पंजीबद्ध किया। प्रकरण में मप्र शासन की ओर से प्रवीण कुमार मर्सकोले सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ने पैरवी की।
अवैध तरीके से शराब रखने पर मिली सजा
छिंदवाड़ा. न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पांढुर्ना ने आबकारी एक्ट के आरोपी उमेश देशमुख निवासी गोरलीखापा थाना पांढुर्ना को एक हजार दो सौ रुपए के अर्थदण्ड एवं न्यायालय उठने तक के कारावास की सजा सुनाई। 26 फरवरी 2020 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की ग्राम कोकढाना पांढुर्ना में उमेश अवैध शराब बेचने की नियत से रखा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सात लीटर अवैध शराब जब्त की जिसका बाजार मूल्य 350 रुपए आंका गया। इसके अलावा न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौंसर ने थाना लोधीखेड़ा के आरोपी प्रदीप धुर्वे निवासी छिंदेवानी को आबकारी एक्ट की धारा में पांच सौ रुपए के अर्थदण्ड एवं न्यायालय उठने तक की सजा से दंडित किया।
Published on:
06 Mar 2020 12:12 pm
बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
