
छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल की डीआरएम नमिता त्रिपाठी ने गुरुवार को नियमित सेफ्टी ड्राइव के तहत इतवारी-छिंदवाडा-नैनपुर रेल खण्ड पर सुरक्षित रेल संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की औचक जांच की। साथ ही उन्होंने यात्री सुविधाओं के उन्नयन और अनुरक्षण के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीआरएम एसपी चंद्रिकापुरे, मुख्य परियोजना प्रबंधक एके सूर्यवंशी सहित मंडल के संबंधित विभागीय अधिकारी एवं परिवेक्षक उपस्थित रहे। सेफ्टी ड्राइव के तहत डीआरएम ने संरक्षा एवं सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सुरक्षित रेल संचालन के प्रबंधन की बारीकी से जांच की और तैनात कर्मचारियों की दक्षता की जानकारी ली। इस खंड के केलोद, रामकोना, भीमालगोंडी, लिंगा, चौरई, भोमा, पलारी आदि रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं सहित विविध कार्यों का भी निरीक्षण किया और इस मौके पर उपस्थित मंडल के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परामर्श कर दिशा निर्देश दिए। उन्होंने स्पेशल ट्रेन से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी-नैनपुर रेल खंड पर ट्रैक रखरखाव, ब्रिज, सिगनलिंग सिस्टम, संरक्षा प्रक्रियाओं और लेवल क्रांसिंग की समग्र स्थिति आदि का निरीक्षण किया। उच्च संरक्षा मानकों को बनाए रखने और रेलवे परिचालन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों को रेलवे की संरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
केलोद से शुरु हुआ निरीक्षण
डीआरएम सबसे पहले केलोद और फिर रामाकोना स्टेशन में निरीक्षण करने पहुंची। हालांकि केलोद में एक अधिकारी के छूट जाने से डीआरएम की स्पेशल ट्रेन काफी समय रामाकोना स्टेशन पर रूकी रही। इसके बाद वे घाट सेक्शन भंडारकुंड एवं भिमालगोंदी के बीच बने रेलवे ब्रिज नंबर-94 पर रूकी। उन्होंने ब्रिज की जांच पड़ताल की। इसके बाद 85 एलसी एवं लिंगा रेलवे स्टेशन में कार्यों को देखा। डीआरएम की स्पेशल ट्रेन दोपहर 1.53 बजे छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंची। हालांकि डीआरएम यहां नहीं उतरी और उनकी ट्रेन झिलमिली की तरफ बढ़ गई। डीआरएम ने झिलमिली, भोमा, पलारी में स्टेशन मास्टर रूम का निरीक्षण किया। वहीं चौरई में स्टेशन मास्टर रूम के साथ बैटरी रूम को भी देखा और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीआरएम पलारी से वापस शाम 6 बजे छिंदवाड़ा लौटी और फिर नागपुर के लिए रवाना हो गई। वापस लौटने के बाद भी वे छिंदवाड़ा स्टेशन पर नहीं रूकी।
औचक निरीक्षण से अधिकारी रहे अलर्ट
डीआरएम के निरीक्षण का कार्यक्रम बुधवार देर रात बना। इससे गुरुवार सुबह से ही अधिकारी अलर्ट पर रहे। डीआरएम को सुबह 10 बजे छिंदवाड़ा पहुंचना था, लेकिन वह दोपहर में पहुंची और बिना रूके सिवनी की तरफ रवाना हो गई।
कई संगठन नहीं दे पाए ज्ञापन
छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन में यात्रियों को काफी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। ट्रेनों को लेकर भी कई समस्या है। इन सबको लेकर कई सामाजिक संगठनों ने डीआरएम को ज्ञापन देने की योजना बनाई थी, लेकिन डीआरएम के स्टेशन पर न उतरने से वे मायूस घर लौट गए। उनको यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर डीआरएम ने छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन को क्यों इग्नोर किया।
डीआरएम को छिंदवाड़ा रूकना इसलिए था जरूरी
छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन में इन दिनों यात्री कई समस्या से जूझ रहे हैं। पानी प्लेटफॉर्म पर बह रहा है। स्टेशन का अधिकतर हिस्सा शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। ओवरब्रिज पर भी समस्या है। छिंदवाड़ा से नैनपुर ट्रेन के जबलपुर तक चलने की आवश्यकता है। इतवारी से दोपहर 3.30 पर चलने वाली ट्रेन को शाम को चलाने की आवश्यकता है। यात्री प्रतिक्षालय डेढ़ साल से बन रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कार्य काफी धीमे गति से चल रहा है। रेलवे कर्मचारियों के क्वार्टर 100 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं। मालगाड़ी को प्राथमिकता देने के लिए पैसेंजर ट्रेनों को प्रभावित किया जा रहा है। कई अन्य समस्याएं भी हैं। ऐसे में जरूरी था कि डीआरएम छिंदवाड़ा स्टेशन पर रूके और इन समस्याओं को जानकर समाधान निकालें।
Published on:
23 Aug 2024 12:00 pm
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