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बर्थ वेटिंग होम के माध्यम से होगा सुरक्षित प्रसव, सात स्थानों पर सुविधा शुरु

जिला अस्पताल समेत सात विकासखंडों में विभाग ने किया शुभारंभ, प्रसव के सात से 10 दिन पहले भर्ती हो सकेगी गर्भवती महिलाएं

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chhindwara

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छिंदवाड़ा. जिला चिकित्सालय एवं अमरवाड़ा, बिछुआ, तामिया, जुन्नारदेव, हर्रई, मोहखेड़ विकासखंड में गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव कराने की सुविधा उपलब्ध कराने बर्थ वेटिंग होम का शुभांरभ किया गया है। दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं जिनका आवागमन की सुविधा के अभाव में घर पर ही प्रसव हो जाता हैं, ऐसी गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव प्रदान करने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए बर्थ वेटिंग होम की स्थापना की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन बर्थ वेटिंग होम खोले जाने के आदेश काफी पहले दे दिए थे जिसके बाद स्थान चिंंहित कर उसका लाभ दिया जाने लगा है।

  • उच्च जोखिम वाली एक सप्ताह पहले भर्ती
  • बर्थ वेटिंग होम की स्थापना का उद्देश्य उच्च जोखिम वाली तथा दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओ को संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराया जाना है। इस प्रयास से मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सकेगी तथा गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उच्च जोखिम वाली तथा दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव तिथि के एक सप्ताह पूर्व से बर्थ वेटिंग होम में रखा जाएगा। यदि हाईरिस्क केस की स्थिति में उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए रेफर किया जाएगा।
  • आंगनवाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी
  • गर्भवती महिलाओं को सात से दस दिवस दिवस पहले बर्थ वेटिंग होम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी केंद्रों एवं आशा कार्यकर्ताओं की रहेंगी। वार्ड में गर्भवती के साथ अटेंडर एवं छोटे बच्चे के भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। आंगनवाड़ी केंद्रों के पास गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जानकारी रहती है ऐसे में ऐसी गर्भवती महिलाओं का डाटा तैयार कर कार्य किया जाएगा।
  • इनका कहना है।
  • सभी मैदानी कार्यकर्ताओ को निर्देशित किया गया हैं कि अपने विकासखंड़ों के अंतर्गत उच्च जोखिम वाली तथा दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को बर्थ वेटिंग होम की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु उन्हे आवश्यक सहयोग प्रदान करें। इस सुविधा को ज्यादा से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को लाभ दिलाया जाएगा।
  • डॉ एनके शास्त्री, सीएमएचओ, छिंदवाड़ा।