
बाढ़ खत्म होते ही नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी
छिन्दवाड़ा/परासिया. पेंच नदी किनारे खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है। रेत माफिया प्रशासनिक अधिकारियों पर पूरी नजर रखता है। इसके लिए अपने आदमी तैनात कर रखे है जो संबंधित अधिकारियों के मूवमेंट की खबर देते रहते है। लोगों का आरोप है कि रेत की इस लूट में राजनीतिक दलों के कुछ पदाधिकारी भी शामिल हैं। ये प्रशासन के कार्रवाई पर मामले को संभालने का भरोसा दिलाते हैं। जामई के मोहतूर पहाड से निकलकर पेंच नदी कन्हान नदी में मिलती है। नदी के निकलने के स्थान से लेकर कई स्थानों पर रेत का अवैध उत्खनन धडल्ले से किया जा रहा है।शासन को रायल्टी के रूप मे लाखों रूपए का नुकसान हो रहा है। एक दर्जन गांवों में रेत के गोदाम : परासिया के लगभग एक दर्जन ग्रामों में अवैध रेत का भारी मात्रा मे संग्रहण कर रखा गया है। राजस्व विभाग का मैदानी अमला निरंतर निगरानी करने का दावा करता है लेकिन इसके बाद भी रेत का अवैध कारोबार कई सवाल खड़े करता है। पैजनवाड़ा में 65 ट्रॉली रेत जब्त :पिछले पंद्रह दिन में खनिज एवं पुलिस विभाग की कार्रवाई से रेत का कारोबार का अंदाजा लगाया जा सकता है। खनिज विभाग ने पैजनवाडा़ में 65 ट्राली अवैध रेत संग्रहण को पकडा। रावनवाडा पुलिस ने दो ट्रेक्टर तथा एक डम्पर को अवैध रेत परिवहन करते पकड़ा है। यहां सर्वाधिकअवैध खनन :पेंच नदी चरई, पलटवाड़ा, लोहांगी, नवेगांव, फुटेरा, कन्हान नदी कोठार मे सबसे अधिक रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व तक जेसीबी से ट्रक डंपरों में रेत भरी जाती थी। वर्तमान में उल्लेखित स्थानों से रात भर रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों की आवाजाही बनी रहती है।
Published on:
09 Nov 2022 08:42 pm
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