शाम होते ही लोग देवगढ़ पहुंचकर रातभर खजाने की उम्मीद में खुदाई भी करते हैं, जिसकी कई शिकायतें मोहखेड़ थाने में दर्ज हंै। लोगों को उम्मीद है कि आज भी किले के खजाने और मोती टांके में राजा महाराजाओं के समय की अकूत सम्पत्ति है, जिसे हासिल करने के लिए कई बार प्रयास किए जा चुके हैं।