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यहां रातभर होती है खजाने की तलाश, दीवारों तक को खोद डाला

थाने में दर्ज हैं कई शिकायतें, टांके में है अकूत सम्पत्ति...मोहखेड़ ब्लॉक में देवगढ़ का किला स्थित है। किला 650 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है।

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Mantosh Kumar Singh

Sep 16, 2016

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छिंदवाड़ा.
मोहखेड़ ब्लॉक में देवगढ़ का किला स्थित है। किला 650 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। किले के चारों तरफ गहरी खाई है। आज भी रात में लोग यहां खजाने की तलाश में पहुंचते हैं। किले के ऊपर बने खजाने और जमीन सहित दीवारों को कई जगहों पर खोदा गया है।


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शाम होते ही लोग देवगढ़ पहुंचकर रातभर खजाने की उम्मीद में खुदाई भी करते हैं, जिसकी कई शिकायतें मोहखेड़ थाने में दर्ज हंै। लोगों को उम्मीद है कि आज भी किले के खजाने और मोती टांके में राजा महाराजाओं के समय की अकूत सम्पत्ति है, जिसे हासिल करने के लिए कई बार प्रयास किए जा चुके हैं।


किला पूरी तरह जर्जर

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कभी महाराष्ट्र की राजधानी रहा देवगढ़ भारतीय पुरातत्व के नक्शे पर अपनी पहचान बना चुका है। (1657-87 ई) में हुए युद्ध के बाद देवगढ़ से राजधानी को नागपुर स्थानांतरित कर दिया गया। किला अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है।

लोहा बन जाता है सोना


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किले में बना मोती टांका सालभर पानी से भरा रहता है। लोगों में किव्दंती है कि इसमें पारस पत्थर है। लोहा फेंकने पर सोना बन जाता है, लेकिन लोहा फेंकने के बाद उसे निकालना संभव नहीं है, क्योंकि टांके की गहराई का अंदाजा किसी को नहीं है।


रात में आती हैं तेज आवाजें

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कुछ साल पहले टांके से पानी को पूरी तरह खाली करने का प्रयास भी विद्युत मोटरपम्प लगाकर किया गया, लेकिन इसमें भी लोगों को सफलता नहीं मिल पाई। बताया जाता है कि रात के समय में आज भी यहां से तेज आवाजें आती हैं।

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