
सर्रा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल रन शुरू किया गया। इसका निरीक्षण नगर निगम के कार्यपालन यंत्री ईश्वर सिंह चंदेली समेत अन्य इंजीनियर और कर्मचारियों ने किया।
नगर निगम की महत्वाकांक्षी 218 करोड़ रुपए सीवरेज परियोजना में शुक्रवार को सर्रा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल रन शुरू किया गया। फिलहाल इस रन में 18 हजार कनेक्शन को जोड़ा गया है। इसका निरीक्षण नगर निगम के कार्यपालन यंत्री ईश्वर सिंह चंदेली समेत अन्य इंजीनियर और कर्मचारियों ने किया। उन्होंने कहा कि अगले चरण में इस योजना में 20 हजार 100 कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इस योजना में हाल ही में सर्रा स्थित 28 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं कोलाढाना पंपिंग स्टेशन को हाईवोल्टेज बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया है। एसटीपी सर्रा में 900 केवीए, कोलाढाना पंपिंग स्टेशन में 500 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके बाद विधिवत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रायल रन शुरू किया गया। सीवरेज कंपनी धीरे-धीरे 18 हजार कनेक्शनों को 20 हजार पार ले जाएगी। देखा जाए तो सीवरेज कंपनी ने अब तक 247 किमी तक सीवर लाइन डाल दिया है। कुल 258 किमी लाइन डाली जानी है, लगभग 24 किमी लाइन डालने के लिए कंपनी को एक बार फिर छठवीं बार समय सीमा 31 दिसंबर तक दी गई है। अब तक 135 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री ईश्वर सिंह चंदेली ने कहा कि सीवरेज परियोजना में शहर के सभी घरों के कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे। इससे घरेलू गंदगी पाइप लाइन के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगी। फिर इस पानी को शुद्ध कर उसे फिर ट्रीटमेंट सिंचाई, फायर फाइटिंग और किसानों को खेती के लिए देंगे। शहर में सेप्टिक टैंक खाली कराने का झंझट नहीं रहेगा। निर्माण एजेंसी लगातार इसका मेंटेनेंस करेगी।
कलेक्टर व कमिश्नर ने दिखाई सक्रियता
सीवरेज प्रोजेक्ट को पूरा कराने में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह और निगम कमिश्नर सीपी राय का अहम रोल रहा। उनके मार्गदर्शन में एमपी अर्बन कंपनी, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने बेहतर कार्य किया और इस प्रोजेक्ट को पूरा कराया।
पहले कोलाढाना फिर सर्रा प्लांट में आएगा कचरा
एमपी अर्बन कंपनी के इंजीनियरों के अनुसार शहरी कनेक्शन से पाइप लाइन के माध्यम से कचरा पहले कोलाढाना पंपिंग स्टेशन तक आएगा। 20 एमएम तक कचरा स्क्रीनिंग से बाहर होगा। फिर 6 एमएम का कचरा 2.5 किमी आगे पाइप लाइन से सर्रा ट्रीटमेंट प्लांट जाएगा।यहां कचरे की स्क्रीनिंग होगी। उसे रिमूव किया जाएगा। फिर निस्तारी पानी अलग-अलग कंपोनेट में जाएगा। वहां से पानी एसबीआर बेसिन टेंक में पानी डालेंगे। प्रोसेस कर टंैक भरे जाएंगे। फिर सीलिंग, सैटरिंग और एरीएशन होगा। साफ पानी फ्लोरिंग टैंक में जाएगा। उसमें क्लोरिंग सामान मिलाएंगे। फिर ट्रीटमेंट पानी को सिंचाई, फायर फाइटिंग और आसपास के किसानों को खेती के लिए देंगे। शहर में सेप्टिग टैंक खाली कराने का झंझट नहीं रहेगा। लोग बीमारियों से मुक्त हो जाएंगे।
Updated on:
23 Nov 2024 10:52 am
Published on:
23 Nov 2024 10:43 am
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