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ट्रेनों में इनके आगे नहीं चलती किसी की

20 महीने में 536 किन्नर, 7 हजार अवैध वेंडरों पर कार्रवाई

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If you are going from the train then find out the time of the train

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छिंदवाड़ा/नागपुर. ट्रेनों में सफर कर रहे लोगों के साथ किन्नर और अवैध वेंडर मानों लूट कर रहे हैं। किन्नर जहां जबरन वसूली कर रहे हैं, वहीं अवैध वेंडर अमानक खाद्य सामग्री बेचकर ठगी कर रहे हैं।
ट्रेनों में किन्नर व अवैध वेंडरों द्वारा यात्रियों को परेशान करने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। बडनेरा की ओर जाने वाली गाडिय़ों में इनकी उपस्थिति देखी जा सकती है। आरपीएफ की ओर से लगातार इन पर कार्रवाई भी की जा रही है। 2016 के आंकड़ों की बात करें तो आरपीएफ ने विभिन्न गाडिय़ों में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर 4 हजार 4 सौ 48 अवैध वेंडरों को पकड़ा है, जिनसे 36 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला है। वहीं 332 किन्नरों को यात्रियों को परेशान करते पकड़ा है, जिनसे 5 लाख 41 हजार रुपए वसूले गए। वहीं 2017 में अब तक 3 हजार 660 अवैध वेंडरों पर लगाम कसी है, जिनसे 35 लाख 79 हजार रुपए वसूले गए हैं। इनमें 204 किन्नरों पर कार्रवाई हुई है, जिनसे 3 लाख 43 हजार 800 रुपए जुर्माना वसूला गया है।
इस सब कवायद के बावजूद यात्री अब भी किन्नरों से पूरी तरह से छुटकारा नहीं पा सके हैं। त्योहारों के कारण ट्रेनों में इनकी उपस्थिति बढ़ती जा रही है। मध्य रेलवे नागपुर मंडल अंतर्गत लगभग 150 छोटे.बड़े रेलवे स्टेशन हैं। इनके बीच रोजाना सैकड़ों गाडिय़ां विभिन्न दिशा की ओर दौड़ती हैं। हजारों यात्री रोज सफर करते हैं। इसी का फायदा उठाकर कुछ किन्नर रेल गाडिय़ों में चढक़र यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार कर पैसों की मांग करते हैं। न देने पर बद्दुआ देना, अश्लील हरकतें व मारपीट तक करते हैं। अकेले सफर कर रहा यात्री सह लेता हैए लेकिन परिवार के साथ सफर कर रहे यात्रियों के लिए काफी मुश्किलभरा होता है। आरपीएफ द्वारा नियमित कार्रवाई कर सख्ती बरतने से नागपुर रेलवे स्टेशन पर किन्नरों की उपस्थिति नहीं दिखती है, लेकिन आउटर पर हाल दूसरा है। नागपुर की ओर आने वाली गाडिय़ां मोतीबाग, लोहापुल आदि स्थानों से गुजरते ही किन्नर गाडिय़ों में चढक़र यात्रियों को परेशान करना शुरू करते हैं। इनके अलावा रेल परिसर व रेल गाडिय़ों में केवल रेलवे के अधिकृत वेंडर ही खाना बेच सकते हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे, लेकिन कई लोग पैसे कमाने के लिए गाडिय़ों में अवैध तरीके से खाना बेचते हैं, जो कई बार जहरखुरानी का कारण बनता है। ऐसे में आरपीएफ द्वारा इन पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।