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चौरई. प्रदेश और जिले के प्रसिद्ध शक्ति सिद्धपीठ के रूप में जाने पहचाने वाले आस्था के केंद्र षष्ठी माता मंदिर कपूर्दा में शारदेय नवरात्र के अवसर पर 1271 मनोकामना कलश स्थापित किए थे। शुक्रवार को मनोकामना कलशों विसर्जन किया गया। सुबह 11 बजे से मंदिर में हवन पूजन कार्यक्रम रखा गया था। आरती होने के बाद दोपहर 2 बजे कलश विसर्जन यात्रा निकाली गई। मंदिर प्रांगण और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ नजर आई । कार्यक्रम में लगभग ८ हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए।
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परासिया. नवरात्र के अंतिम दिवस नवमीं के शुक्रवार को देवी मंदिरों तथा मां दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओ का तांता लगा रहा। सुबह से नवमी पूजा विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गई, हवन पूजन के बाद कन्या भोज कराया गया। मंदिर समितियों तथा सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समितियों ने शाम को भंडारा प्रसाद का वितरण किया।
मां हिंगलाज मंदिर अंबाडा, मां खेड़ापति मंदिर चांदामेटा, बड़कुही, उमरेठ, न्यूटन में भी धार्मिक कार्यक्रम किए गए। बड़कुही में बंगाली समाज मां दुर्गा की स्थापना करता है यहां की पूजा प्रसिद्ध है जिसमें शामिल होने आसपास के क्षेत्रो से लोग पहुंचते है। यहां कोलकाता के कारीगर प्रतिमा निर्माण करते है। बंगाली समाज द्वारा संधि पूजा पुष्पांजलि, बलिदान एवम महाआरती का आयोजन किया गया। इसके बाद भोग प्रसाद वितरित किया गया। पांच दिन तक चलने वाले इस आयोजन में समिति द्वारा बच्चों पुरुष एवं महिलाओं के लिए विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें चित्रकला, पासिंग पार्सल, फैंसी ड्रेस, शंख ध्वनि, धुनोची आरती, अल्पना प्रतियोगिता एवं एक मिनट शो शामिल है। शुक्रवार शाम को महाआरती के आयोजन मेेंं बंगाल का प्रसिद्ध धूप डांस, शंख और घड़ी घंट के साथ धूप नृत्य कर माँ को प्रसन्न किया गया। विजयादशमी के दिन सिंदूर उत्सव होगा इसके बाद मां की प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाएगा। श्रीअष्टभुजा माता मंदिर जीएम ऑफि स के पास वार्ड नं. 3 में हवन पूजन किया गया जिसमें बसंत मालवी, संतोष राजपूत, मोहन नुनाहरिया, सोनू राजपूत अशोक थापा सहित नगरवासी शामिल हुए।
श्री हिंगलाज माता मंदिर उमड़े श्रद्धालु
जुन्नारदेव अम्बाड़ा ञ्च पत्रिका. विकासखंड अंतर्गत माता हिंगलाज मंदिर में नवरात्र के अवसर पर लगातार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। 9 दिनों से माता हिंगलाज मंदिर परिसर में चहल पहल है। नवमी अवसर पर मंदिर में मनोकामना कलशों का विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में महिलाएं अपने सिर पर घट लेकर समीपस्थ वेकोलि द्वारा बनाए गए सरोवर में पहुंची जहां पर विधि विधान से घट का विसर्जन किया गया। अंतिम दिन भंडारे में लगभग 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति ने पूर्ण व्यवस्था बनाकर प्रतिदिन भंडारा एवं आरती पूजन सम्पन्न कराया गया।
Updated on:
03 Oct 2017 12:32 pm
Published on:
01 Oct 2017 04:27 pm
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