22 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिम्स को मिला 250 करोड़ का बजट, हो सकेगा निर्माण कार्य पूर्ण

इस राशि से कार्य पूर्ण होकर जल्द शुरू हो जाएगा 899 बेड का अस्पताल, वर्तमान में तेजी से चल रहा है कार्य

2 min read
Google source verification
chhindwara medical collage

chhindwara medical collage

छिंदवाड़ा. राज्य सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट में छिंदवाड़ा व पांढुर्ना की 24 सडक़ों के निर्माण के लिए 266 करोड़ 89 लाख दिए है जिससे 142.73 किलोमीटर सडक़ नेटवर्क मजबूत होगा। हॉर्टिकल्चर कॉलेज के लिए 32 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग के लिए इस बजट में छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में बन रहे 899 बेड के अस्पताल के लिए अंतिम बजट राशि 250 करोड़ रुपए स्वीकृत हो गई। इस राशि से अंतिम चरण का कार्य पूर्ण हो जाएगा तथा बजट की उपलब्धता के आधार पर बचे हुए कार्य जल्द से जल्द शुरू हो जाएंगे। जुलाई तक सिम्स के अस्पताल के निर्माण कार्य को पूर्ण करने का दावा किया जा रहा था ऐसे में 250 करोड़ रुपए मिलने पर अब समय पर कार्य पूर्व तथा अस्पताल शुरुआत हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ अभय कुमार सिन्हा ने बताया कि बजट में दिख रहा है कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपए का बजट मिला है। वहीं पीआईयू अधिकारियों की माने तो इतने बजट में सिम्स के अस्पताल का कार्य पूर्ण हो जाएगा तथा अतिरिक्त बजट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

वर्ष 2019 के हुआ था भूमिपूजन, घट गया बजट

मेडिकल कॉलेज सिम्स के निर्माण की 1455.33 करोड़ रुपए की पहली प्रशासकीय स्वीकृति 17 सितम्बर 2019 को दी गई थी। इसमें सिम्स से संबंधित अस्पताल, नवीन शैक्षणिक अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण, मशीन, संयंत्र और उपकरणों की स्थापना का प्रावधान था, उसके बाद 22 अक्टूबर 2021 को संशोधित स्वीकृति 665.88 करोड़ रुपए कर दी गई। जिसके बाद से बजट रुक रुक कर मिलने से जो कार्य 2022 में पूर्ण होना था वह 2026 तक पहुंच गया है।

विश्वविद्यालय के लिए नहीं मिली राशि, थी 480 करोड़ की डिमांड

राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय की इमारतों के निर्माण के लिए प्रबंधन ने 480 करोड़ की डिमांड दी है लेकिन इस बजट में राशि नहीं मिली है। इस बजट में राशि मिलती है तो इमारत का कार्य सारना में शुरू हो जाएगा, सारना पंचायत से लगी 100 एकड़ से अधिक की भूमि पर विश्वविद्यालय की इमारत बनना है। इस बार भी बजट नहीं मिलने से नई इमारत के निर्माण में फिर रोड़ा उत्पन्न हो रहा है।