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उदास भटक रही वृद्धा के चेहरे पर लौटी मुस्कान

तीन सौ रुपए महीने की पेंशन के लिए नौ माह से चक्कर लगा रही वृद्धा को अचानक ही खुशियां मिलीं।

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chhindwara

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छिंदवाड़ा . तीन सौ रुपए महीने की पेंशन के लिए नौ माह से चक्कर लगा रही वृद्धा को अचानक ही खुशियां मिलीं। बुधवार को वह योजना कार्यालय से एक बार फिर निराश होकर लौट रही थी, तभी निगम केयोजना कार्यालय से बाहर निकले निगम आयुक्त इच्छित गढ़पाले ने वृद्धा से उसके लौटने का कारण पूछ लिया। वृद्धा की पीड़ा भरी आवाज उन्हें अंदर तक बेध गई। दरअसल, वार्ड ४५ निवासी लक्ष्मी बाई की पेंशन जनवरी 2017 से अटकी हुई थी। जिसका कारण उसका आधार नंबर बैंक खाता से लिंक नहीं होना बताया गया।

जुलाई तक जैसे-तैसे लक्ष्मी ने आधार से जुडे़ कागजातों को जमा किया, लेकिन अगस्त से बैंक पहुंचकर अंगूठा लगाने के नए नियम आ जाने के बाद उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। बुधवार को आयुक्त ने लक्ष्मी बाई से परेशानी पूछी। वृद्धा ने नौ माह से पेंशन न मिलने की बात बता रुदन भाषा में बयां की। वृद्धा की उदासी आयुक्त से देखी न गई। उन्होंने वृद्धा को अपनी गाड़ी में बैठाया और बैंक लेकर गए। वृद्धा का बैंक खाता आधार नम्बर से लिंंक कराया और नौ माह की पेंशन 2700 रुपए उन्हें दिलाई।


ट्रांसफार्मरों के पास पॉलीथिन डालकर दुकानें संचालित
छिंदवाड़ा. नगर निगम और बिजली विभाग की अनदेखी से शहर में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मुख्य डाकघर के सामने के दो बड़े ट्रासंफार्मरों के नीचे बरसाती तान कर नारियल और प्लास्टिक सामान की दुकानें लगाई गई हैं। इसके अलावा ट्रांसफार्मर के दूसरी ओर फ्लैक्स लगाकर होर्डिंग भी लगी है।


तीनों ही वस्तुएं तेज ज्वलन शील हैं। आग के सम्पर्क में आते ही दावानल की तरह आग भड़क सकती है। ट्रांसफार्मर से कब चिंगारी निकलने लगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। इसके बाद भी इसके आसपास दुकानें और फ्लैक्स लगे होना, जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर कर रहा है।


विद्युत वितरण कम्पनी के डीई योगेश उइके ने बताया कि फव्वारा चौक ट्रांसफार्मर और पोस्ट ऑफिस के पास संचालित दुकानों के संचालकों को दुकानें हटाने नोटिस दिया गया था। इसके अलावा नगर निगम को भी इस बात की जानकारी दे दी गई थी। सम्बंधित ट्रांसफार्मर से यदि कोई दुर्घटना होती है तो जबावदेही विद्युत वितरण कम्पनी की होगी।