
solar energy
छिंदवाड़ा। नगर निगम की आय लगातार कम हो रही है और खर्च बढ़ रहे हैं। ऐसे में निगम बचत की योजनाओं को अपना रहा है। खासतौर पर बिजली के खर्च को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। स्ट्रीट लाइट को एलइडी से रोशन कर निगम बिजली की खपत को आधी कर चुका है। इसी क्रम में फिल्टर प्लांट में आने वाले बिजली खर्च को भी कम करने के प्रयास में सोलर पैनल का प्रस्ताव भी ऊर्जा विकास निगम को भेजा गया है। इसमें हो रही देरी से निगम को हर साल करोड़ों रुपए की चपत लग रही है।
दरअसल, नगर निगम भरतादेव फिल्टर प्लांट, धरमटेकड़ी, जम्होड़ी पंडा, अजनिया सहित निगम कार्यालय में कुल 1030 किलोवाट के सोलर पैनल का प्रस्ताव ऊर्जा विकास निगम को भेज चुका है। अब तक स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है, जबकि सरकार खुद गैर परम्परागत सोलर ऊर्जा को आगे बढ़ाने की योजना पर कार्य करने का दावा कर रही है।
हर माह 60 लाख रुपए होता है बिजली पर खर्च
भरतादेव फिल्टर प्लांट, जम्होड़ी पंडा इंटक वेल सहित धरमटेकड़ी फिल्टर प्लांट में बिजली की खपत करीब 60 लाख रुपए हर माह हो रही है। सोलर पैनल लगने के बाद यह खर्च आधा होने की सम्भावना है। निगम के भवनों की छतों का इस्तेमाल कर करीब 13 लाख यूनिट सालाना बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। नगर निगम को सोलर पैनल लगाने के लिए एक रुपए खर्च नहीं करने हैं, बल्कि अपनी जगह उपलब्ध कराने के बदले उसे लगने वाली यूनिट का खर्च कम हो जाएगा। ऊर्जा विकास निगम के जिलास्तर के अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया जारी है। दो बार टेंडर किया जा चुका है। सही दर नहीं मिलने के कारण स्वीकृत नहीं किया गया। बता दें कि ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड रेस्को मॉडल के माध्यम से सोलर पैनल लगवाएगा। इसमें लगाने वाली कम्पनी बिजली उत्पादन करके बिजली कम्पनी को बेचेगी और बिजली कम्पनी निगम को उसकी जगह के इस्तेमाल की एवज में बिजली बिल में राहत देगी। बता दें कि कई बार बिजली बिल बकाया होने की स्थिति में चुंगी क्षतिपूर्ति राशि से बिल की कटौती हो जाती है, जिसका असर निगम कर्मचारियों की वेतन व्यवस्था पर भी पड़ जाता है।
इनका कहना है
हमने जिला स्तर से प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अनुमति भोपाल स्तर पर लम्बित है। इसके लिए सिर्फइंतजार किया जा सकता है। दो-दो बार टेंडर भी किए जा चुके हैं।
सुनील गेहूंखेडकऱ, जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी
बिजली कम्पनी से सीधे आवेदन भी किया जा सकता है, लेकिन सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा। निगम को बचत हो सकती है, पर लागत का खर्च वहन करना होगा। ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से भी लगवाने पर बिजली कम्पनी अप्रूवल देगी।
-खुशियाल शिववंशी, कार्यपालन अभियंता, शहर सम्भाग
Published on:
06 Sept 2022 10:52 pm
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