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महिलाओं एवं छात्राओं को एसपी गौरव तिवारी ने दिए टिप्स

पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने कहा कि आज महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भारतीय दंड विधान की अनेक धाराएं बनी है फिर भी कहीं-कहीं उनके अधिकारों का हनन हो जाता

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Gaurav Tiwari

बाजार चौक पर किए गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों ने रविवार शाम तक हटाने की बात कही है।

छिंदवाड़ा/अमरवाड़ा . महिला अपराध महिला सुरक्षा कानून एवं जन जागरूकता महिला उत्पीडऩ समस्या की खोज संगोष्ठी एवं चिंतन सेमिनार में सोमवार को स्नातक महाविद्यालय में जिला पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने कहा कि आज महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भारतीय दंड विधान की अनेक धाराएं बनी है फिर भी कहीं-कहीं उनके अधिकारों का हनन हो जाता है। इसकी जवाबदारी हमारी है, स्वयं महिलाओं की है।
उन्होंने कहा कि प्रति मंगलवार जनसुनवाई होती है उसमें आकर शिकायत कर सकती हैं। हेल्पलाइन नम्बर का सहारा ले सकते हैं। समाज के साथ महिलाएं अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर भय दूर करे वह चाहे तो महिला हेल्पलाइन में भी समस्या बता सकतीं हैं।

श्री गौरव तिवारी ने छात्राओं को बताया कि अब शासन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सर्वप्रथम प्राय प्राय समस्त पुलिस थानों में महिला पुलिस अधिकारी कर्मचारी की व्यवस्था कर दी गई है जिसमें महिलाएं, छात्राएं भी अपनी बात निर्भीकता से रख सकती हैं। रिपोर्ट पर अगर पुलिस आप की नहीं सुनती तो आप सीधे एसपी कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। अपराधों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय एसपी गौरव तिवारी ने बताते हुए कहा कि आप स्वयं मुझसे प्रति मंगलवार जनसुनवाई में आकर शिकायत कर सकती हैं। हेल्पलाइन का सहारा ले सकते हैं। समाज के साथ महिलाएं अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर भय दूर करे, वह चाहे तो 1090 महिला हेल्पलाइन में फोन कर समस्या बता सकते हैं वहां से सीधा फोन एसपी कार्यालय में आता है और तुरंत कार्रवाई होती है। आजकल साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं इसलिए पुलिस की सहेली योजना में फोन नंबर उन्होंने बताया 9479991608 सलाह ले सकती है।


इस अवसर पर प्रश्न उत्तर में छात्रा रोशनी दिनेश सराठे, पूजा ऐनलाल प्रजापति, अमन संतोष सोनी, गुरुप्रसाद एवं अन्य छात्र छात्राओं के प्रश्नों का उन्होंने बड़े अच्छे ढंग से उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स कि आजकल निगरानी कम हो गई है ऐसा नहीं है क्योंकि आज नैतिक शिक्षा के अभाव में मोबाइल के दुरुपयोग को हम चेक नहीं कर सकते। आज की शिक्षा प्रणाली से नैतिक शिक्षा संस्कार की कमी आई है। सामाजिक ज्ञान की भी आवश्यकता है नॉलेज और एजुकेशन अलग अलग है आदमी जैसा सोचता है वैसा बन जाता है। सकारात्मक सोच ही उज्जवल भविष्य बनाती है।