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Pandhurna: अनुविभाग पांढुर्ना-थाना और चौकी प्रभारियों की मनमानी

अनुविभागीय अधिकारी का भी थाना और चौकी प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर ध्यान नहीं है।

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Pandhurna: अनुविभाग पांढुर्ना-थाना और चौकी प्रभारियों की मनमानी

अनुविभाग पांढुर्ना-थाना और चौकी प्रभारियों की मनमानी

छिंदवाड़ा. जिला मुख्यालय से अधिक दूरी होने के कारण पांढुर्ना अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले थाना और चौकी क्षेत्र में होने वाली सभी गतिविधियों की जानकारी जिला मुख्यालय के अधिकारियों को नहीं मिल पाती। अनुविभागीय अधिकारी का भी थाना और चौकी प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर ध्यान नहीं है।

एक माह के भीतर हुई कुछ घटनाओं ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि पुलिस अनुविभागीय अधिकारी का अपने कार्यक्षेत्र के थाना और चौकी प्रभारियों पर ध्यान नहीं है या फिर होते हुए भी वे सख्त कदम नहीं उठा रहे हैं। सबसे पहले पांढुर्ना थाना प्रभारी के नाम पर रुपए लेने का मामला सामने आता है जिस पर समूची कार्रवाई जिला मुख्यालय से की जाती है। दूसरा प्रकरण बड़चिचोली चौकी के तत्कालीन प्रभारी जितेन्द्र यादव का सामने आता है, इस मामले में जब न्यायालय ने संज्ञान लिया तब कार्रवाई की गई। इस मामले की जांच भी जिला मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी ने की। इसी प्रकरण के चंद दिनों बाद लावाघोघरी थाना प्रभारी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता है और इसकी शिकायत भी पांढुर्ना अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के पास नहीं की जाती है। लिखित शिकायत नहीं होने का हवाला देते हुए पांढुर्ना एसडीओपी रोहित लखारे ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि अपने अधिनस्थ का ऑडियो वायरल होने पर स्वयं एसडीओपी को संज्ञान नहीं लेना चाहिए या फिर शिकायत का इंतजार करना चाहिए। जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही के चलते पांढुर्ना अनुविभाग के थाना और चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मियों की भ्रष्ट छवि बनने के साथ ही अब आरोपियों से मिली भगत को भी उजागर कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी जांच
लावाघोघरी थाना प्रभारी के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और पूरे मामले की जांच गुरुवार को पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार उइके को सौंपी है। उल्लेखनीय है कि वायरल होने वाले ऑडियो में कहा जा रहा है कि सायरन बजाते हुए उनकी गाड़ी का पीछा कर लो, बजरंग दल वाले पीछे पड़े हैं। कम से कम उन्हें यह दिखा दो की पुलिस ट्रक का पीछा कर रही है, लेकिन करना कुछ भी नहीं है। बता दें कि यह ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, लेकिन पत्रिका की ऑडियो की किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं करता है।