
राज्य शासन ने पांढुर्ना के मास्टर प्लान-2041 की चतुर्थ सीमा दो माह पहले फरवरी में जारी कर दी थी। उसके बाद भोपाल से अब तक नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की सर्वेेक्षण टीम नहीं पहुंची है। इससे स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियों को नगर सर्वेक्षण के आंकड़े नहीं मिल पा रहे हैं। मास्टर प्लान का काम रुका पड़ा है।नगरीय एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस समय पांढुर्ना के मास्टर प्लान पर चिंतित हैं। इस प्लान में वर्ष 2041 के प्रस्तावित विकास की परिकल्पना की गई है। विभागीय स्तर पर अभी जनसंख्या के आधार पर जमीन के आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक नियोजन का आकलन किया गया। निवेश क्षेत्र में शामिल 15 गांवों के नाम भोपाल भेजे गए थे, जिसे 14 फरवरी को राजपत्र में प्रकाशित किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार पांढुर्ना प्रदेश के उन 38 शहरों में है, जिसे अमृत 2.0 प्लान के तहत शामिल किया गया है। पहले पांढुर्ना का मास्टर प्लान साधारण स्थिति में था। अब उसके जिला गठित होने के बाद इस प्लान में शामिल करके प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा इस प्लान में प्रस्तावित वर्ष 2031 के स्थान पर वर्ष 2041 लाया गया है। इसमें उस समय की पेयजल, आबादी, सडक़ समेत अन्य जमीन के निवेश का जिक्र होगा।
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने 13 अगस्त 24 को पांढुर्ना कलेक्टर अजयदेव शर्मा के साथ बैठक की थी। इसमें मास्टर प्लान के बारे में स्थानीय अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया था। तब नए मास्टर प्लान 2041 के बारे में भी जिक्र किया गया था। इस परियोजना के सभी बिंदुओं को शामिल करने की योजना बनाई थी।
पांढुर्ना नगर की सीमा में पहले छह ग्राम पंचायतों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव था। नए मास्टर प्लान में अब 15 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे राज्य शासन ने मंजूरी देते हुए राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। पांढुर्ना के उत्तर में मोहगांव, भंडारगोदी, बोरखेड़ी, गोदरीखापा, कामठीखुर्द, नीलकंठ, पूर्व में नीलकंठ, मोरडोंगरी, पारडी, दक्षिण में पारडी, अम्बाड़ाखुर्द, मगजगांव, अम्बाखापा, कलमगांव और पश्चिम में कलमगांव, आजनगांव, वरजली और मोहगांव को शामिल किया गया है। पांढुर्ना शहर की कुल जनसंख्या 45 हजार 479 है। कुल क्षेत्रफल दो हजार 740 हेक्टेयर है। अब कुल 9121-40 हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ जाएगा।
अब भोपाल से सर्वेक्षण टीम का इंतजार है। यह टीम घर-घर सर्वेक्षण कर आंकड़े एकत्र करेगी। उसे मास्टर प्लान की बुक में शामिल किया जाएगा। उसके बाद उसके अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-वीएस परस्ते, उपसंचालक नगर एवं ग्राम निवेश विभाग
Published on:
03 May 2025 07:47 pm
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