
यहां स्वाइन फ्लू की चपेट में डॉक्टर, एक की मौत
छिंदवाड़ा . एच-१ एन-१ वायरस का प्रकोप जिले में धीरे-धीेरे अपने पैर पसारने लगा है। अब इस वायरस से आम लोगों के साथ-साथ चिकित्सक भी सुरक्षित नहीं है। एच-१ एन-१ वायरस से जिला अस्पताल के एक डॉक्टर भी प्रभावित हो गए हैं। जबलपुर मेडिकल कॉलेज से मिली जांच रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। राहत की बात ये है कि स्थिति प्रारम्भिक होने के चलते मामला नियंत्रण में है।
गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू का वायरस लापरवाही के कारण ज्यादा लोगों को प्रभावित करता है। इसके चलते आए दिन जिला अस्पताल में संदिग्ध मरीज पहुंच रहे है। जानकारी के अनुसार अब तक २९ स्वाइन फ्लू संदिग्धों की जांच हो चुकी है। अधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से छह पॉजिटिव मिले हैं। इधर विभाग का दावा है कि स्वाइन फ्लू से अब तक एक भी मौतनहीं हुई है जबकि जबकि नागपुर में सात स्वाइन फ्लू पीडि़त दम तोड़ चुके हैं।
स्वाइन फ्लू संदिग्ध की भोपाल में मौत
बिछुआ ब्लॉक के ग्राम गोनी निवासी मोहन (४०) पिता संतू खरपुसे की मौत सोमवार को भोपाल में स्वाइन फ्लू के कारण होना बताया जा रहा है। हालांकि इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग से पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जाता है कि मृतक मोहन भोपाल में पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत था। कई दिनों से वह बीमार होने से भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई है।
गुणवत्ताविहिन सामग्री का कर रहे उपयोग
जिला अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर गम्भीरता नहीं बरती जा रही है। यही वजह है कि अस्पताल परिसर, वार्ड तथा शौचालयों की सफाई के लिए उपयोग किया जाने वाली सामग्री गुणवत्ता विहिन है तथा शासन के नियमानुसार कचरा प्रबंधन भी नहीं हो पा रहा है। इस संदर्भ में ठेकेदार ने कई बार विभाग को सूचना दी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं किया गया। बताया जाता है कि गुणवत्ता विहिन सामग्रियों में फिनायल, स्प्रिरिट तथा कचरा प्रबंधन के उपयोग में लाई जाने वाली रंगीन प्लास्टिक बैग सहित अन्य शामिल हैं। इसके अलावा ओपीडी में रखे कचरे के डिब्बों में भी बायोमेडिकल वेस्ट को खुले में रखा जा रहा है तथा विभिन्न स्थानों पर कचरे का ढेर जमा हुआ था।
गुणवत्ता की होगी जांच
कचरा प्रबंधन के लिए उपयोग किए जाने वाली विभिन्न रंगों के प्लास्टिक बैग की आपूर्ति तामिलनाडु की कम्पनी करती है। उसे कई दिन पहले आर्डर दिया गया था, लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं होने से एेसी स्थिति बनी थी। वहीं फिनायल, स्प्रिरिट तथा अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
सुशील दुबे, आरएमओ जिला अस्पताल
Published on:
03 Oct 2017 11:48 am
बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
