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टेटू बने शव की शिनाख्त, दोस्तों ने उतारा था उसे मौत के घाट

पुराने गिट्टी खदान में मिले शव की शिनाख्त गौरव धानोरकर के रूप में हुई थी जिसकी हत्या हुई थी। पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया है। गौरव को उसी के दोस्तों ने आपसी रंजिश के चलते मौत के घाट उतारा है।

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Murderers found hiding in Dabra

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छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. शनिवार को अंबाडाखुर्द और राजोराकला के बीच पुराने गिट्टी खदान में मिले शव की शिनाख्त गौरव धानोरकर के रूप में हुई थी जिसकी हत्या हुई थी। पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया है। गौरव को उसी के दोस्तों ने आपसी रंजिश के चलते मौत के घाट उतारा है।
घटना के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गौरव और मुख्य आरोपी कुनाल अरूणराव बाबुलकर परिचित थे। दोनों अक्कर शराब पीने अपने परिचित महिला के घर जाते थे। कुनाल की महिला के साथ बढ़ती नजदीकियों से गौरव क्षुब्ध था। 15 दिनों पहले गौरव ने कुनाल के साथ इसी बात को लेकर मारपीट की थी। इसके बाद गौरव ने महिला को लेकर कुनाल को काफी बुरा भला कहा था। कुनाल को उस महिला के साथ नाम जुडने व बदनाम करने का डर सताने लगा । इससे नाराज होकर कुनाल ने गौरव की हत्या करने की योजना बनाई। योजना के अनुसार 5 जुलाई को जब गौरव पैदल घर जा रहा था तभी उसे उसके मित्र राजेश ने बाइक पर लेकर पहुंची। वहीं दूसरी ओर बाइक पर कुनाल व रोशन ने मुर्गा पार्टी का बहाना कर गौरव को अपने साथ घटोबा के जंगल लेकर पहुंचे। यहां गौरव को अत्याधिक शराब पिलाकर उस पर उस्तरा और चाकू से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बाद में अंबाडाखुर्द के मकान में जाकर बाइक खराब होने का कहकर रस्सी से शव को पत्थर से बांधकर पुराने गिट्टी के पानी में फेंक दिया था।
शिनाख्त के बाद पुलिस ने एक के बाद एक लिंक जोडऩा शुरू कर दिया और आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें हिरासत में लेकर कड़ी पुछताछ की। आरोपियों ने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त की गई दोनों बाइक सहित उस्तरा, चाकू जब्त किया है। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी रोहित लखारे, थाना प्रभारी केवलसिंह परते, चौकी प्रभारी नांदनवाडी, दिनेश बघेल, उपनिरीक्षक करनसिंह चौधरी, प्र. आरक्षक विजय कुमरे, अनुरोध बघेल, आदित्य और नितिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।