
छिंदवाड़ा. (सांवरी/उमरानाला) पश्चिम मंडल क्षेत्र के सांवरी वन परिक्षेत्र के जैव विविधता संरक्षण वाले ग्राम सलैया कला, डोंगरटेमनी, मछेरा आदि में लॉकडाउन काल में तेन्दुपत्ता संग्राहकों के लिए तेन्दुपत्ता संग्रहण अच्छा आजीविका का स्रोत बना है।
फड़ प्रभारी केदार साहू बताते हैं की एक-एक मजदूर एक दिन में 100-150 गड्डी तेन्दुपत्ता संग्रहित कर 250 से 400 तक कमा लेते हैं जो इनके परिवारों की आजीविका का सहारा बन रही है। इस दौरान जैव विविधता संरक्षण मास्टर ट्रेनर कैलाश सोनेवार ने तेन्दुपत्ता संग्राहकों से आग्रह किया कि भविष्य में भी आने वाली पीढ़ी के लिए तेन्दुपत्ता आजीविका का सहारा बना रहे। इस दृष्टि से इनके संवहनीय उपयोग पर ध्यान देकर तेंदूपत्ता के पौधों को संरक्षित रखने के लिए जोर दिया गया। संग्रहण स्थल पर संग्राहक सामाजिक दूरी तथा मास्क लगाकर कार्य कर रहे हैं। मजदूरों के साबुन से हाथ धुलाए गए। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान यहां पर जैव विविधता प्रबंधन समिति टेमनी खुर्द के अध्यक्ष मुरारीलाल पन्द्रे, फड़ मुंशी ओमकार धुर्वे, तेंदुपत्ता संग्राहक मारुती धुर्वे, ममता उईके, जामवती धुर्वे, सुमरवती तुमड़ाम उपस्थित रहे।
Published on:
21 May 2020 05:37 pm
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