20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चार साल से ढही पड़ी है लाखों की चारदीवारी

नगर के वार्ड 4 में खेल मैदान में 5 साल पहले लाखों की लागत से चारदीवारी का निर्माण एक साल भी नहीं टिक सका। पहली ही बारिश में आधे से अधिक दीवार धराशायी हो गई । दीवार की आज तक सुध नहीं ली गई है ।शनिवार को कांग्रेस पार्षद धीरज माहेश्वरी, नितिन ढोबले, वाहिद कुरैशी, सीमा पालीवाल ने खेल मैदान पहुंच कर जायजा लिया। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

less than 1 minute read
Google source verification
boundry.jpg

The boundary wall worth lakhs has collapsed since four years

छिन्दवाड़ा/ मोहगांव. नगर के वार्ड 4 में खेल मैदान में 5 साल पहले लाखों की लागत से चारदीवारी का निर्माण एक साल भी नहीं टिक सका। पहली ही बारिश में आधे से अधिक दीवार धराशायी हो गई । दीवार की आज तक सुध नहीं ली गई है । टूटी दीवार के कारण खिलाडिय़ों को परेशानी होती है।ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया निर्माण के कारण दीवार गिर गई। करीब एक फीट के गड्ढे खोदकर बिना लोहे के उपयोग के कॉलम खड़े कर दिए गए। इससे दीवार टिक नहीं सकी। उस समय पार्षदों ने भी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था । शनिवार को कांग्रेस पार्षद धीरज माहेश्वरी, नितिन ढोबले, वाहिद कुरैशी, सीमा पालीवाल ने खेल मैदान पहुंच कर जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से से घटिया निर्माण करने वाले एजेन्सी के खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। इधर बिछुआ के मुख्य बस स्टैंड से कॉलेज तक की सडक़ पर आवागमन करना अब आसान नहीं है। सडक़ पर गड्ढे और कीचड़ से तो राहगीर पहले से ही परेशान थे।अब उड़ती धूल का भी सामना करना पड़ रहा है। दरअसल शहर के बीच इस सडक़ से भारी वाहनों के गुजरने से धूल उड़ती है। इस मार्ग पर कई विभागों के कार्यालय भी हैं। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। स्कूल कॉलेज के बच्चे, राहगीर इसी मार्ग से गुजरते हैं। धूल से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी वाहनों के पीछे चलने वाले साइकिल, बाइक, ऑटो चालकों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। इससे दुर्घटना की आशंका रहती है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे।