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आदिवासी छात्रावास का निर्माण ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा

परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंबाड़ा के आदिवासी बालक आश्रम में 50 सीटर छात्रावास भवन की मरम्मत बाउंड्रीवॉल निर्माण का कार्य लाखों रुपए खर्च करके किया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार इस कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग करा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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The contractor left the construction of tribal hostel incomplete

छिंदवाड़ा/गुढ़ी अम्बाड़ा. शासन आदिवासियों के लिए बेहतर और अच्छी शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रयासरत है। इसके लिए समय-समय पर करोड़ों रुपए के फंड भी आवंटित किए जाते हैं लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते शासन की राशि में किसी न किसी तरह से पलीता लगाया जा रहा है।
परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंबाड़ा के आदिवासी बालक आश्रम में 50 सीटर छात्रावास भवन की मरम्मत बाउंड्रीवॉल निर्माण का कार्य लाखों रुपए खर्च करके किया जा रहा है। छात्रावास भवन की छत पर बेरिंगकोट, दीवारों में प्लास्टर बाउंड्रीवॉल सहित अन्य कार्य को ठेकेदार के माध्यम कराया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार इस कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग करा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
छात्रावास के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार ने बाउंड्रीवाल, बाथरूम सहित अन्य निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ दिया है। स्थानीय लोगों ने आदिवासी छात्रावास के निर्माण की गुणवत्ता की जांच किए जाने की मांग कलेक्टर से की है। छात्रावास अधीक्षक एलएस मरकाम ने कहा कि बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है एवं छात्रावास के अंदर शौचालय निर्माण भी अधूरा है। कई जगह पर मरम्मत का काम अधूरा किया गया है।

लाखों रुपए की लागत से आदिवासी छात्रावास भवन का निर्माण किया जा रहा है जिसमें गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली है । ठेकेदार ने काम भी अधूरा छोड़ दिया है। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
भारती उइके, सरपंच, ग्राम पंचायत अंबाड़ा