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छिंदवाड़ा। नगर निगम के राजस्व अमले को इस बार राजस्व वसूली के लिए डोर टू डोर नहीं जाना पड़ा और न ही राजस्व वसूली शिविर लगा। पिछले 15 दिनों में निगम के खजाने में 70 लाख रुपए की आमद हुई। राशि जमा करने वाले भी सामान्य जन नहीं बल्कि माननीय हैं।
दरअसल, नगरीय निकाय चुनाव के लिए नगर निगम की एनओसी आवेदन के साथ लगाई जानी थी। निगम की एनओसी के लिए किराया, लीज, सम्पत्तिकर, जलकर आदि जमा होना अनिवार्य था। एनओसी के लिए 437 सम्भावित दावेदारों ने निगम में दस्तक दी, तो उन पर लाखों रुपए की बकाया राशि निकलकर सामने आ गई। सभी ने अपनी-अपनी बकाया राशि बिना हील- हुज्जत के जमा की और एनओसी ले ली। हालांकि इनमें से करीब 196 दावेदार ही निगम चुनावों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
700 कर्मचारियों का वेतन बकाया
437 बकाएदारों से भले ही 70 लाख रुपए निगम के खजाने में जमा हुए हैं, लेकिन निगम का कोष अब भी खाली है। निगम के अनुबंधित 700 कर्मचारियों को अब तक मई माह का वेतन नहीं मिला है। लेखा अधिकारी प्रमोद जोशी ने बताया कि करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए कुल वेतन वितरित किया जाता है। इसमें शासन से आए चुंगी क्षतिपूर्ति के डेढ़ करोड़ रुपए सहित एक करोड़ 85 लाख रुपए वेतन में दे दिए गए। अब भी 700 ठेका कर्मचारियों को सवा करोड़ रुपए वेतन देना शेष है। सूत्रों की मानें तो इस माह अभी तक करीब 45 लाख रुपए डीजल का भी भुगतान नहीं हुआ है।
पांच साल से बकाया भी हुआ चुकता
चुनाव में शामिल होने की मंशा से पांच-पांच साल से निगम की पूंजी रोककर बैठे लोगों को एनओसी के लिए पूरा बकाया मय सरचार्ज जमा करना पड़ा। 437 एनओसी से निगम को 70 लाख रुपए हासिल हुए। इनमें दुकान किराया, लीज, भू-भाटक, सम्पत्तिकर, जलकर के शामिल हैं। जानकारी के अनुसार राजस्व बीते पांच वर्ष का था।
इनका कहना है
एनओसी के लिए लोगों ने वर्षों से बकाया राशि जमा कर दी है। हालांकि, यह राजस्व का एक हिस्सा मात्र है। ठेका कर्मचारियों का वेतन बकाया है। राजस्व आमद होते ही उनका वेतन दे दिया जाएगा।
हिमांशु सिंह, आयुक्त नगर निगम
Published on:
25 Jun 2022 06:51 pm
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