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माफिया की करतूत, रेत के लालच में नदी सुखाने की साजिश

पूरे शहर की प्यास बुझाने वाली कुलबेहरा नदी का पानी कर रहे बर्बाद, सात दिनों में दो बार चोरी हो चुकी है एनीकट की प्लेट

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Kulbehra Nadi

पानी कम होने के बाद ऐसे ही स्थानों से की जाती है रेत चोरी।

शहर को पानी सप्लाई करने वाले फिल्टर प्लांट भरतादेव के रॉ वाटर की जरूरत पूरा करने वाले एनीकट की प्लेट निकालकर पानी बहाया जा रहा है, जबकि इस पानी को एनीकट से रोककर फिल्टर करने के बाद शहर में सप्लाई किया जाता है। जरा सी रेत के लालच में रेत चोर ऐसा कर रहे हैं। फिल्टर प्लांट तट का काफी हिस्सा जलमग्न रहता है। रेत चोर पानी के अधिक जमाव के कारण रेत नहीं निकाल पाते हैं। इस कारण एनीकट की प्लेट निकालकर पानी बहाते हैं। एक सप्ताह के अंदर दो बार उन्होंने एनीकट की प्लेट निकाल दी और अपने साथ ले गए।

40 हजार परिवारों को होती है जल आपूर्ति

भरतादेव फिल्टर प्लांट एवं धरमटेकरी प्लांट से शहर के 40 हजार से अधिक परिवारों की जरूरत का पानी सप्लाई होता है। मुख्य रूप से भरतादेव फिल्टर प्लांट में 11 एवं 15.75 एमएलडी से आधे से अधिक शहर वासियों को पूरे साल पानी की सप्लाई की जाती है। इस प्लांट को कन्हरगांव डैम एवं कुलबेहरा नदी से रॉ वाटर की सप्लाई की जाती है। ताकि उसे ट्रीट कर शहर को पानी की सप्लाई की जा सके।

तीन साल पहले ही बनाया गया था नया एनीकट

2020 की बारिश में पुराने एनीकट के नुकसान के बाद 2021 में एक माह से कम रिकॉर्ड समय में करीब पौने दो करोड़ की लागत से नए एवं पहले से अधिक ऊंचे एनीकट का निर्माण कराया गया था। उसके बाद से अब तक भरतादेव फिल्टर प्लांट को पहले से लगभग तीन माह अधिक समय तक रॉ-वाटर की जरूरत पूरी होने लगी। नए एनीकट के बनने के पहले कुलबेहरा नदी का पानी बारिश के मौसम के अलावा सिर्फ दिसंबर माह तक फिल्टर प्लांट को आपूर्ति कर पाता था।

प्लांट के कर्मचारियों ने लगाई नई प्लेट

निगम के सहायक यंत्री विवेक चौहान ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर दो बार एनीकट की प्लेट चोरी कर ली गईं। जबकि इन्हें निकालना आसान नहीं हैञ प्लेट लगाने के बाद उसे जाम करने के लिए बीच में मिट्टी भी भरी जाती है। पानी के बहाव को रोकने के लिए प्लांट कर्मियों ने दोबारा प्लेटें लगा दी हैं। कर्मचारियों ने बताया कि यहां से अक्सर रेत की फिराक में आने वाले ट्रैक्टर चालक ही इस तरह की हरकत कर रहे हैं। पानी बहने से रेत चोर आसानी से रेत निकालने में सफल हो जाते हैं।

ग्रामीण वार्डों में भी धमाचौकड़ी

शहर के सोनपुर रोड पर रेलवे अंडरब्रिज के पास से रेत खनन किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार ब्रिज से कम से कम 200 मीटर की दूरी तक रेत खनन नहीं किया जा सकता। इसके अलावा ज्यादातर रेत चोर इमलीखेड़ा बायपास से होते हुए वार्ड 24 में बने किफायती आवास एवं सोनपुर बस्ती से बेलगाम गति से वाहन गुजर रहे हैं।