
chhindwara
काली रात का मेला : एक सदी से भी पुराना है मेला
छिंदवाड़ा/ जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर भरने वाले ऐतिहासिक कालीरात का मेला पूर्ण श्रद्धा-भक्ति के साथ जन आस्था का केंद्र बना हुआ है। मेला प्रबंधकारिणी समिति के समस्त पदाधिकारी व सदस्य इस उत्सव को नया स्वरूप देने में जुटे हुए हैं।
ज्ञात हो कि लगभग 150 पूर्ण करने वाले इस मेले के साथ कई धार्मिक घटनाक्रम, कहानी एवं किंवदंतियां भी जुड़ी हुईं हैं जिसके परिणामस्वरूप इस मेले का महत्व बना हुआ है। ग्राम जैतपुर में प्राचीन मंदिर है, जहां कालीरात का मेला लगता है।
कार्तिक पूर्णिमा से आयोजित कालीरात के मेले में जगतगुरु कन्नोज पीठाधीश्वर विश्व संत परम संघ उपाध्यक्ष अतुलेशानंद चित्रकूट धाम का बुधवार को आगमन हुआ। उन्होंने भगवान श्रीराम की कथा का दिव्य वर्णन किया, जिसे सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। अतुलेशानंद महाराज इससे पहले भी यहां आ चुके हंै। इस मौके पर महंत नागेंद्र ब्रह्मचारी भी मौजूद रहे। गौरतलब हो कि कालीराम मंदिर में कालरात्रि मां और विठ्ठल रुखमाई की प्रतिमा विराजमान है और यहां पुरातन समय से मेला लगता आ रहा है। यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर सप्ताहभर के लिए मेला लगता है। पहले यह मेला 15 दिनों तक चलता था।
Published on:
14 Nov 2019 08:12 am
बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
