जानकारी के अनुसार इस दौरान कई ग्राम पंचायतें नगरीय प्रशासन में शामिल हो गई हंै। जिसके कारण उस गांव के प्रौढ़ शिक्षा केंद्र को बंद कर दिया गया था, लेकिन बंद होने से पूर्व जिन प्रेरकों ने काम किया है, उन्हें भी कार्य दिवस का भुगतान किया जाएगा। शासन द्वारा उनकी भी गणना जारी राशि में की गई है।