
Sale of pocket-friendly 2kg, 5kg commercial gas cylinders begins in Chennai
छिंदवाड़ा। जिले में रसोई गैस कनेक्शन की उपलब्धता पर सरकारी रिकॉर्ड के आंकड़ों की एक और बाजीगरी सामने आई है। राज्य शासन के पात्रता पर्ची पोर्टल में 3.45 लाख परिवारों के पास गैस कनेक्शन न होना बताया गया है। जबकि एक दिन पहले गैस उपभोक्ताओं की संख्या 5.39 लाख बताई गई थी। इस अलग-अलग जानकारी से उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं। इससे यह भी साफ है कि अधिकारी-कर्मचारी योजनाओं की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से एक दिन पहले उज्ज्वला गैस पोर्टल बंद करने का कारण जिले में रसोई गैस कनेक्शन की उपलब्धता 103 प्रतिशत बताई गई थी। बताया गया था कि जिले में वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार 5.29 लाख परिवार है।
इनमें से 5.39 लाख परिवारों के पास रसोई गैस कनेक्शन पहुंच गया है। यह सही है कि दस साल में जनसंख्या बढ़ी है और नए परिवार भी बन गए हैं। इसके चलते केंद्र सरकार ने उज्ज्वला गैस पोर्टल बंद कर
दिया है।
इस विभागीय जानकारी की पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए राज्य शासन के पात्रता पर्ची पोर्टल को सर्च किया गया तो उज्ज्वला गैस पोर्टल के ठीक विपरीत जानकारी मिली। इसके मुताबिक राशन के जरूरतमंद 3.72 लाख परिवारों में से केवल 26 हजार परिवारों के पास ही रसोई गैस कनेक्शन है। जिनके पास रसोई गैस कनेक्शन नहीं हंै, ऐसे परिवारों की संख्या 3.45 लाख है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का डाटा
राशन दुकान: 867
राशन कार्डधारक : 372233
कार्ड में सदस्य: 1582200
रसोई गैस कार्ड: 26745
गैस कार्ड नहीं: 345488
उठता है सवाल
सवाल यह है कि ये दोनों वेबसाइट सरकारी हैं। फिर रसोई गैस कनेक्शन की अलग-अलग जानकारी क्यों दी जा रही है? या फिर अधिकारी-कर्मचारी आंकड़ों की बाजीगरी में ही लगे हैं। प्रशासन को कम से कम जिले की 41 गैस एजेंसियों से नए सिरे से जानकारी लेकर उसे अपडेट करना चाहिए।
Published on:
04 Dec 2022 12:09 pm
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