छिंदवाड़ा. नौ साल बाद सिंगोड़ी पुलिस के सामने पहुंची महिला ने कंचन उइके होने का दावा किया है, जबकि इस महिला को पुलिस तीन वर्ष पूर्व ही मृत घोषित कर उसके पिता सन्नू उइके और भाई सोनू उइके पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर चुकी है। महिला के सामने आने के बाद पुलिस पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। मामले में महिला के पिता सन्नू उइके ने पत्रिका को बताया कि मंैने गुमशुदगी की शिकायत की थी, उसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ साल बाद मामले में मुझे व मेरे बेटे सोनू उइके के साथ मारपीट करते हुए हत्या का प्रकरण दर्ज कर दिया। अब बेटी सामने आ गई है, तो इस मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जो कंकाल मिला था उसकी भी जल्दी जांच रिपोर्ट आनी चाहिए। पुलिस की गलत कार्रवाई के कारण मैं व मेरा बेटा जेल गए हैं, हमें न्याय चाहिए।