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जहां मिली सजा वहीं मिला प्रोत्साहन, दिखा भ्रष्टाचार का अप्रत्यक्ष रूप

विभाग ने कार्रवाई के नाम पर निभाई औपचारिकता, जहां कराई सामूहिक नकल, डीइओ ने दोबारा वहीं कर दी पद स्थापना

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Where found punishment is found in the encouragement, indirect form of corruption showing

जहां मिली सजा वहीं मिला प्रोत्साहन, दिखा भ्रष्टाचार का अप्रत्यक्ष रूप

छिंदवाड़ा. सामूहिक नकल मामले में फंसी शिक्षिक को फिर से उसी संस्था में पद स्थापना देने का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में वेतन वृद्धि रोकने भर की कार्रवाई की जबकि उसी संस्था में पुन: पदस्थापना नियमों के विपरीत माना जा रहा है। माध्यमिक स्कूल की कक्षा आठवीं की परीक्षा में बोर्ड पर लिखकर विद्यार्थियों को नकल कराते हुए ब्लॉक स्तरीय टीम ने रंगे हाथों शिक्षिका तथा सहयोगी को पकड़ा था।

ब्लॉक स्तरीय टीम ने रंगे हाथों बोर्ड पर नकल कराते पकड़ा था

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी आरएस बघेल ने सम्बंधितों को तत्काल सस्पेंड कर अन्यत्र संस्था में अटैच कर दिया था। अब शासन के नियमों तथा आरटीइ की गाइडलाइन के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी बघेल ने सस्पेंडेड शिक्षिकाओं को बहाली के बाद दोबारा उसी संस्था में पदस्थ कर दिया जहां वे नकल मामले में फंसी थीं। इसके अलावा आरटीइ नियमों के तहत सहायक शिक्षक प्राथमिक स्कूल में पढ़ा सकता है, लेकिन यहां इन शिक्षक की पदाथापना माध्यमिक स्कूल में कर दी गई है। इधर विभिन्न शिक्षक संगठनों में डीइओ की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश बन गया है तथा कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।


जिला शिक्षा अधिकारी बघेल ने बताया कि मामले में दोषी पाई गई अध्यापक प्रीति कपूर की एक वेतनवृद्धि रोक दी गई है तथा शेष को बहाल कर उसी संस्था में पदस्थ कर दिया गया हैं। वहीं सूत्रों की मानंे तो सस्पेंडेड कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ इंक्रीमेंट रोकने समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन उसी संस्था में दोबारा पोस्टिंग नहीं जा सकती जहां उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।


यह है पूरा मामला


उल्लेखनीय है कि एमएलबी छिंदवाड़ा संकुल अंतर्गत आने वाले शासकीय माध्यमिक शाला कुकड़ाजगत में मेडिकल लीव पर चल रही शिक्षिका प्रीति कपूर परीक्षार्थियों को बोर्ड में लिखकर नकल करा रहीं थीं। शिकायत मिलने पर डीइओ के निर्देश पर बीइओ आइएम भीमनवार, वरिष्ठ अध्यापक सुनील गोहर, व्याख्यता सोनलदेवी मंगरुलकर तथा प्राचार्य राजेंद्र ठाकुर ने रंगे हाथों कुछ शिक्षिकाओं को पकड़ा था। मामले में ब्लाकस्तरीय टीम के अनुमोदन पर केंद्राध्यक्ष सीमा ठाकरे, ललिता तिवारी, मीना कनवाल, हेमलता जंगेला तथा प्रीति कपूर को सस्पेंड किया था।