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भूले -बिसरे जंगल सत्याग्रह स्थल का करेंगे संरक्षण

लाखनवाड़ी के जंगल सत्याग्रह की 92 वर्षगांठ पर रामाकोना में स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण व विकास का संकल्प लिया। तय किया गया कि जंगल सत्याग्रह स्थल लाखनवाड़ी में स्मारक व अन्य विकास कार्यों के लिए भूमि परिवर्तन संबंधी कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। जंगल सत्याग्रही व स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जंगल सत्याग्रह से जुड़ा इतिहास संरक्षित करेंगे।    

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Will protect the forgotten forest Satyagraha site

छिन्दवाड़ा/रामाकोना. लाखनवाड़ी के जंगल सत्याग्रह की 92 वर्षगांठ पर रामाकोना में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण व विकास का संकल्प लिया। जंगल सत्याग्रह स्थल विकास समिति की ओर से रविवार को रामाकोना में कार्यक्रम की शुरुआत गांधी स्मारक से हुई। गांधीवादी विचारक भाउराव चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। बापू की प्रतिमा का पूजन कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर रहें के नारे लगाए गए। पूर्व जनपद अध्यक्ष नानालाल गोहेल, जनपद सदस्य डॉ गुलाब पांडे, सरपंच श्वेता गोहेल, उपसरपंच संतोष चौधरी, सीतापार उपसरपंच नियाज खान, राहुल जायसवाल, चंद्रेशेखर गुर्वे मुन्नाभाई कलाम,गगन गोहेल, पंचायत सचिव अनिल ईधाते,श्याम ठाकर, विनोद जायसवाल, गुणवंत चौधरी, विजय पराये,आकाश सहारकर, सोहेल अंसारी, विलास चौधरी खुटामा से राधेश्याम ईवनाती, गजानन पातुरकर व कार्यकर्ता उपस्थित थे। तिवारी भवन में हुई चिंतन बैठक में जंगल सत्याग्रह स्थल का विकास व आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। आयोजन समिति के संरक्षक पीके गुर्वे ने जंगल सत्याग्रह स्थल पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। दिनकर पातुरकर ने जंगल सत्याग्रह स्थल की पहचान व विकास यात्रा के बारे में बताया। स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी देंवेद्र केदार, अमर चैरासे, विजय पातुरकर, सुनिल तिवारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इतिहास को सरंक्षित करने व सत्याग्रह स्थल विकास पर सुझाव रखे। कादर भाई, चिंतामन गाढवे, गणेश ढोके, रत्नमाला पीसे, चंद्रकांत नाचनकर, योगेश गौतम, विजय धुंडे, आकाश व गणेश खारकर ने विचार रखे। प्रति वर्ष 21 अगस्त को जंगल सत्याग्रह की वर्षगांठ को जिले के गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जंगल सत्याग्रह स्थल लाखनवाड़ी में स्मारक व अन्य विकास कार्यों के लिए भूमि मद परिवर्तन संबंध में कार्रवाई। आगामी दिनों में जंगल सत्याग्रही व स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जंगल सत्याग्रह से जुड़ा इतिहास संरक्षित करना। वर्ष भर होने वाले आयोजनों की तैयारी में सर्वदलीय सहभागिता रहेगी।