
छिंदवाड़ा/नागपुर. सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद ट्रेनों में अपराध कम नहीं हो रहा है।
ट्रेन में अकेले सफर कर रही महिला के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना से रेलवे की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि छेड़छाड़ करने वाले युवकों के नागपुर में उतरने से महिला ने शिकायत करने से इनकार किया है। नई दिल्ली निवासी 25 वर्षीय महिला तिरुपति से केरला एक्सप्रेस के बोगी नंबर एस-1 सीट नंबर 45 में सवार हुई। बीच सफर में तीन सिरफिरे युवक भी इस बोगी में सवार हुए और वे बीच सफर में दोपहर 2 बजे से महिला से छेड़छाड़ करने लगे। सफर में अकेली होने से महिला ने उन युवकों से उलझने की बजाय चुप रहना ही ठीक समझा, जिससे सिरफिरे युवकों की हिमाकत बढ़ती ही गई। आखिरकार बर्दाश्त के बाहर होने पर महिला ने नागपुर आते ही रेलवे पुलिस के नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी। महिला को लिखित शिकायत करने के लिए कहा गया, लेकिन तब तक ट्रेन भी नागपुर स्टेशन छोड़ चुकी थी, जिससे महिला को इटारसी में शिकायत करने को कहा गया। इस बीच छेड़छाड़ करने वाले युवकों के नागपुर स्टेशन पर उतरने से महिला ने भी शिकायत करने से इनकार कर दिया। घटित प्रकरण से ट्रेन में सफर के दौरान महिलाओं के सुरक्षा का दावा करने वाले रेलवे प्रबंधन और रेलवे पुलिस की कलई खुल गई है।
टिकिट दलाल को धरदबोचा
नागपुर. ट्रेनों में नागरिकों को को भले टिकिट न मिल रही हो, लेकिन टिकिटों की कालाबाजारी करने वाले दलालों के सामने टिकिट की समस्या नहीं है। वह बेखौफ होकर टिकिट की कालाबाजारी करते नजर आ रहे हैं। आरपीएफ के जवानों ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर एक टिकिट दलाल को धरदबोचा। उससे दो टिकिट भी बरामद किया गया है। यह दोनों टिकिट किसी और के नाम पर निकालने के लिए कतार में लगा था। आरपीएफ के जवानों की नजर से बचने की कोशिश करते हुए उसे दबोच लिया गया। आरोपी दलाल का नाम निखिल वसंत श्रीमंत (27) खलासी लाइन मोहन नगर निवासी है। रेलवे के आरपीएफ से जुड़े सूत्रों के अनुसार नागपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी द्वार पर बने रेल आरक्षण केंद्र में एक दलाल के होने की गुप्त सूचना आरपीएफ के प्रधान आरक्षक सुनील मलिक, आरक्षक विकास शर्मा व बीएस यादव को मिली। यह सभी जवान पूर्वी द्वार के रेल आरक्षण टिकिट काउंटर पर पहुंचकर एक-एक व्यक्ति से पूछताछ करने लगे। यह देखकर टिकिट दलाल निखिल श्रीमंत ने आरपीएफ जवानों की नजरों से बचने की कोशिश करते ही दबोच लिया गया। आरपीएफ के उपनिरीक्षक विद्याधर यादव ने उसकी तलाशी ली। उसके पास से दो टिकिट मिले। इन टिकिटों की कीमत करीब 1235 रुपए है। दोनों टिकिटों पर किसी और का नाम लिखा हुआ था। निखिल ने पूछताछ के दौरान टिकिट की दलाली करने की बात कबूल किया। उसने आरपीएफ के जवानों को बताया कि वह यात्रियों की मांग पर टिकिटों के किराए के अतिरिक्त 200 से 300 रुपए बतौर कमीशन लेकर उन्हें टिकिट निकालकर देता है। साथ ही अवैध तरीके से रेल आरक्षण टिकिटों का अवैध कारोबार भी करता है। आरोपी निखिल श्रीमंत के खिलाफ धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त-आरपीएफ नागपुर के ज्योति कुमार सतीजा व निरीक्षक वी एन वानखेडे के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।
Published on:
02 Nov 2017 11:30 am
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